आजमगढ़। चार पहिया वाहन में बंफर लगाकर चलना पूरी तरह से प्रतिबंध है। बावजूद वाहन मालिकों द्वारा अधिकांश गाडि़यों में दोनों साइड बंफर लगाकर चल रहे हैं। बड़ी बात हो यह है कि सरकारी अधिकारियों के चलने के लिए जो प्राइवेट गाडि़यों अनुबंधित की जाती है उनमें भी बंफर लगे हुए हैं। इन्हें न तो कोई चेक करने वाला न ही कोई कार्रवाई करने वाला। नतीजा सड़क दुर्घटना होने पर बहुतायत की जान चली जाती है।
केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्रायलय ने ओदश जारी कर कहा है कि राज्य सरकारें वाहनों में गैरकानूनी बंफर गार्ड लगाए जाने पर सख्त कार्रवाई करें। विभागीय अफसरों की मानें तो दुर्घटना के समय गाड़ी को लगने वाला झटका सीधे बंफर पर आता है, इसके बाद गाड़ी पर, अगर गाड़ी में एयरबैग है तो बंफर की वजह से वो भी नहीं खुलते। क्योंकि सेंसर गाड़ी पर लगने वाले झटके को रीड नहीं कर पाते। जिससे दुर्घटना होने पर वाहन में बैठे लोगों की जान चली जाती है। यही कारण है कि शासन ने वाहनों में बंफर लगाने पर सख्त रोक लगा दी है। इसके बाद भी वाहन मालिक बंफर का प्रयोग करते हैं या तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं होगी या फिर उन्हें कानून का कोई डर नहीं है।
बिक्री पर भी लगी है रोक
आजमगढ़। केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पिछले साल सभी राज्यों के लिए आदेश जारी किया था। इसके तहत गाडि़यों पर बंफर लगाने और इसकी बिक्री पर भी रोक लगाई थी। बावजूद इसके शहर के नरौली मार्ग पर स्थित कार बाजार में बेरोकटोक बंफर की बिक्री की जा रही है।
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बंफर लगाना नियम विरुद्ध है। इसके आदेश भी केंद्र सरकार ने जारी किया था। जल्द अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान को मंडलस्तर पर चलाया जाएगा। - डा. आरएन चौधरी, आरटीओ प्रवर्तन।