आजमगढ़। भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले लालबिहारी मृतक ने प्रमुख सचिव को शिकायती पत्र भेजा है। उनका आरोप है कि साधन सहकारी समिति अमिलो द्वारा एक बार फिर 672 रुपये बकाए की रिकवरी की नोटिस दी गई है। जबकि बकाया रकम कई साल पूर्व ही चुकता कर दिया गया है। आरोप है कि समिति द्वारा अभी तक चुकता प्रमाण पत्र नहीं दिया गया। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुख्य सचिव को भेजे गये शिकायती पत्र में लालबिहारी मृतक ने बताया कि साधन सहकारी समिति अमिलो में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर 24 जून 1985 को तत्कालीन सचिव के खिलाफ आंदोलन किया था। इस मामले में तत्कालीन सचिव द्वारा लालबिहारी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। 14 वर्ष बाद पांच नवंबर 1999 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मृतक को दोष मुक्त कर दिया था। मृतक ने आरोप लगाया है कि 1991 में तत्कालीन सचिव ने धोखे से 672 रुपये का फर्जी लोन निकाल लिया। जिसके नोटिस के बाद 7 जुलाई 2000 को 2709 रुपया जमाकर 12 सितंबर 2000 को चुकता प्रमाण पत्र भी समिति ने दे दिया था लेकिन 20 साल बाद उसी मूलधन 672 रुपये की वसूली के लिए 24 जनवरी 2020 को उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम 1965 की धारा 95 की उपधारा के अंतगर्त ब्याज सहित 3361 रुपये जमा करने की दोबारा नोटिस दे दिया है। लालबिहारी मृतक का आरोप है कि 24 दिसंबर 2020 को 672 रुपया दोबारा जमा कर रसीद ले ली गई है लेकिन समिति अब तक चुकता प्रमाण पत्र नहीं दे रही है।