आजमगढ़। स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में ओडीएफ प्लस 76 गांवों को मॉडल बनाया जाएगा। शासन ने 12 गांवों को स्वच्छता से जुड़े कार्य कराने के लिए तीन करोड़ 82 लाख 665 रुपये जारी कर दिए हैं। पंचायत राज विभाग ने अब प्रस्तावित कार्यों को शुरू करने का निर्देश सचिव और ग्राम प्रधानों को दिया है।
प्रत्येक गांव को खुले में शौचमुक्त करने के लिए सरकार 2014 से अभियान चला रही है। हर घर शौचालय बनाया गया है। दो साल से सामुदायिक शौचालय का निर्माण चल रहा है। लगभग 90 फीसदी काम भी पूर्ण हो गया है। अब दूसरे चरण में ओडीएफ प्लस 76 गांवों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाना है।
इन गांवों को कूड़ा, गंदगी, जलजमाव और अन्य समस्याओं से मुक्त रखा जाएगा। सड़क, पानी निकासी, नाली और सफाई के साथ ठोस एवं गीले कचरे का प्रबंधन कर गांव को स्वच्छ बनाया जाएगा। इसके लिए चयनित गांव के ग्राम प्रधान, सचिव व पंचायत सहायकों सहित अन्य संबंधित अधिकारियों की ओर से निदेशालय लखनऊ में प्रस्तुतिकरण भी दिया जा चुका है। शासन से बजट आवंटित होने पर विभाग काम को शुरू कराने का निर्देश भी दे दिया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ओडीएफ प्लस गांव में कूडे़ का घर-घर उठान करने की व्यवस्था होगी। कचरे से वर्मी कंपोस्ट तैयार कर पंचायत की ओर से उसी गांव के किसानों को बेचा भी जाएगा। इससे गांव को राजस्व भी हासिल होगा। गांवों को ओडीएफ प्लस माडल बनाने के लिए तीन करोड़ 82 लाख 32 हजार 665 रुपये जारी किया गया है।
डीपीआरओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद के 22 ब्लॉकों की 76 ग्राम पंचायतों को पहले चरण में ओडीएफ प्लस माडल गांव के तौर पर विकसित किया जाएगा। 12 गांवों के लिए तीन करोड़ 82 लाख 32 हजार 665 रुपये जारी की गई है। गांवों में जल्द ही कार्य शुरू हो जाएंगे।