सरायमीर। कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाने से रोजा नहीं टूटता। अब अगर कोई मुस्लिम रोजा की हालत में टीका लगवाना चाहता है, तो वह टीका लगवा सकता है। उक्त बातें मुफ्ती मुहम्मद अरशद फारूकी चेयरमैन फतवा मोबाइल सर्विस देवबंद ने कही। उन्होंने कहा कि जैसे रोजा के हालत में बिच्छू डस ले तो रोजा नहीं टूटता जबकि जिस्म में जहर दाखिल हुआ है। इसी तरह से इंजेक्शन लगवाने से रोजा नहीं टूटता। हालांकि, डॉक्टरों ने अनुभव किया है कि वैक्सीन लेने के बाद कुछ लोगों को चक्कर और कमजोरी महसूस होती है। इसलिए पहले फलों का रस और ताजे पानी का सेवन किया जाता है। दिन के दौरान टीका लगवाने की सलाह दी जाती है। रोजे की हालत में कोविड वैक्सीन लगवाना दुरुस्त है। यही राय है मिस्र, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के ओलमा की है। देश के ओलमा इंजेक्शन लगवाने से रोजे टूटने के कायल नहीं हैं और वैक्सीन भी इंजेक्शन की तरह है। दुआ है वबा का खात्मा हो। गौरतलब है कि जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। बड़ी संख्या में लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं और 98 प्रतिशत लोग ठीक भी हुए हैं। एहतियाती उपायों में मास्क पहनना और दूरी बनाए रखना जरूरी है। साथ ही बचाव के लिए कोविड का टीका जरूर लगवा सकते हैं।