आजमगढ़। चारबाग डिपो की एक रोडवेज बस में आग लगने की घटना के बाद परिवहन निगम ने बसों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सख्ती बढ़ा दी है। अब सुरक्षा मानकों की जांच के बिना कोई भी बस रूट पर नहीं भेजी जाएगी। इसके लिए आजमगढ़ परिक्षेत्र के सभी सात डिपो में विशेष जांच टीमों का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही बसों के संचालन की अनुमति दी जाएगी। आजमगढ़ परिक्षेत्र के आजमगढ़, डॉ. अंबेडकरनगर, बलिया, बेल्थरा, दोहरीघाट, मऊ और शाहगंज डिपो संचालित हैं। इन सात डिपो से प्रतिदिन 547 बसों का संचालन होता है, जिनमें 467 निगम की तथा 105 अनुबंधित बसें शामिल हैं। ये बसें कानपुर, दिल्ली, गोरखपुर, जौनपुर, प्रयागराज, अयोध्या (फैजाबाद), लखनऊ, वाराणसी, बलिया, मऊ, गाजीपुर समेत विभिन्न रूटों पर संचालित होती हैं। परिवहन निगम के निर्देशानुसार अब प्रत्येक बस में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, टायरों की स्थिति और अन्य यांत्रिक व्यवस्थाओं की अनिवार्य जांच की जाएगी। जो बसें निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरेंगी, उनका संचालन रोक दिया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए लंबी दूरी के मार्गों पर नई बसों का संचालन किया जाएगा, जबकि पुरानी बसों को स्थानीय रूटों पर लगाया जाएगा।