घाटे से बचने के लिए ही परिवहन विभाग ने अब किसी भी बस के संचालन के लिए न्यूनतम 25 सवारियों की संख्या तय की है। इससे कम यात्री होने पर बसों का संचालन नहीं होगा। सहालग बंद होने और ठंड बढ़ने के साथ ही यात्रियों की संख्या कम हुई है। यात्री सुविधाओं को बेहतर रखने की हिदायत एआरएम ने दी है। बीते दिनों बसों का निरीक्षण कर ठंड से बचाव के इंतजाम पर भी जोर दिया गया था। इसके तहत किसी भी बस के शीशे टूटे होने या फिर खुले होने पर चालक व परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। आजमगढ़ डिपो के एआरएम अवधेश कुमार पाल ने बताया कि निगम के निर्देश के अनुसार रोडवेज बसों में लोड फैक्टर बढ़ाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
कम सवारी होने पर दूसरे बसों को करेंगे ट्रांसफर
आजमगढ़। रोडवेज की बस में यदि 30 यात्री प्रयागराज जाने वाली बस में बैठते हैं और दस सवारी जौनपुर में उतर जाते हैं। बस में और सवारी नहीं बैठी तो प्रयागराज जाने वाली 20 सवारियों को दूसरे बस में बैठाया जाएगा जो प्रयागराज के लिए जा रही हो। उक्त जानकारी आजमगढ़ डिपो के एआरएम अवधेश कुमार पाल ने दी। उन्होंने बताया कि लखनऊ कानपुर समेत अन्य रूटों पर जहां 10 बसें चलती थीं, वहीं अब आठ बसें संचालित हो रही है।