रोडवेज परिसर में बदहाल पड़ा प्याऊ। संवाद
आजमगढ़। आजमगढ़ रोडवेज बस स्टैंड सरकार के लिए हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व जुटाने वाला प्रमुख परिवहन केंद्र है, लेकिन यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं की हालत यहां बेहद चिंताजनक है। खासकर पेयजल व्यवस्था इतनी बदहाल है कि बस स्टैंड आने वाले यात्रियों को प्यास बुझाने के लिए 20 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। आजमगढ़ डिपो की रोज की आय करीब 11 से 12 लाख रुपये है। वहीं डा. अंबेडकर डिपो की आय 12 से 13 लाख रुपये है। यानी प्रति माह दोनों डिपो से छह करोड़ रुपये से अधिक की आय होती है। हालांकि आय में कभी-कभी बढ़ोतरी होती तो कभी-कभी घटती भी है। करोड़ों रुपये प्रतिवर्ष आय देने वाले इस बस स्टैंड पर यात्रियों को नाम मात्र की सुविधाएं दी जाती है। बस स्टैंड परिसर में यात्रियों के लिए पानी पीने की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। यहां केवल दो आरओ मशीन लगी है, एक आरओ स्टाल के पीछे कोने में लगा दिया गया है, जो पीछे होने के कारण दिखाई नहीं पड़ता है। वहीं दूसरा आरओ एक संस्थान की ओर से लगाया गया है, जो अक्सर खराब रहता है या बंद रहता है। पूरे बस स्टैंड में न तो कोई सार्वजनिक प्याऊ है और न ही एक भी चालू हैंडपंप। ऐसे में यात्रियों को अपनी प्यास बुझाने के लिए मजबूरी में 20 रुपये या उससे अधिक कीमत की पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है। रोजाना सफर करने वाले मजदूर, छात्र और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब तबके के यात्रियों के लिए यह अतिरिक्त खर्च काफी पीड़ादायक साबित हो रहा है। यात्री चंद्रशेखर ने बताया कि जब बस स्टैंड से सरकार को सालाना करोड़ों का राजस्व मिलता है, तो कम से कम शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा तो उपलब्ध होनी ही चाहिए। बावजूद इसके, जिम्मेदार विभाग की उदासीनता के चलते यात्रियों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं यात्री संदीप ने कहा कि बस स्टैंड परिसर में पर्याप्त संख्या में सार्वजनिक प्याऊ, चालू आरओ मशीनें और हैंडपंप लगाए जाएं, ताकि आम यात्रियों को राहत मिल सके।