आजमगढ़। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए विद्यालयों के सत्यापन को गठित तहसील स्तरीय टीमों की लापरवाही के कारण निर्धारित समय 20 अक्तूबर तक 142 विद्यालयों की सत्यापन रिपोर्ट फीड नहीं की जा सकी। बोर्ड ने पोर्टल भी बंद कर दिया। रिपोर्ट की फीडिंग न होने से स्कूल संचालकों की चिंता बढ़ गई है। वह अब डीआईओएस कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग से कुल 806 विद्यालयों का संचालन हो रहा है। इसमें राजकीय विद्यालय 26, एडेड 97 व वित्त विहीन विद्यालय 683 हैं। सभी 806 ने परीक्षा केंद्र के लिए आवेदन किया हैं। हालांकि अभी परीक्षा की तिथि तय नहीं है लेकिन फरवरी में संभावित बोर्ड परीक्षा को लेकर केंद्र निर्धारण की कवायद शुरू है। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल की ओर से गठित तहसील स्तरीय कमेटी को विद्यालयों की सुविधा, संसाधनों की जांच कर 15 अक्तूबर तक जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था, ताकि 20 अक्तूबर तक डीआईओएस कार्यालय से फीडिंग कराई जा सके। इसके बाद केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 20 अक्तूबर की देर शाम मेंहनगर व फूलपुर तहसील की रिपोर्ट सौंपी गई। रिपोर्ट देर से मिलने के कारण 20 अक्तूबर को फीडिंग नहीं हो सकी। 142 विद्यालयों की सत्यापन रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड नहीं की जा सकी।
मेंहनगर और फूलपुर तहसील स्तरीय कमेटी ने स्कूलों की सत्यापन रिपोर्ट समय से उपलब्ध नहीं कराई। इसके कारण 142 विद्यालयों का सत्यापन पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सका। बोर्ड से बात हुई है कि वह कुछ समय के लिए पोर्टल को खोल दे, ताकि बचे हुए विद्यालयों की सत्यापन रिपोर्ट दी जा सके। -उपेंद्र कुमार, डीआईओएस।