शहरी क्षेत्र के उन लोगों से डूडा धन की वसूली करने की तैयारी में जिन्होंने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में धन लेकर भी मकान नहीं बनवाया है। डूडा को 15762 आवासों के निर्माण का लक्ष्य मिला था। लेकिन 75 लाभार्थी ऐसे हैं जिन्होंने धन लेकर भी मकान नहीं बनवाए। विभाग वसूली की तैयारी में जुट गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 तक हर गरीब के सिर पर छत उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसे हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना और प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना चल रही है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत डूडा कार्यालय को 15762 आवास के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है। डूडा में प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच की गई जिसमें 224 लोग अपात्र पाए गए। अब तक शहर क्षेत्र में कुल 12809 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। जबकि 2953 आवासों का निर्माण प्रगति पर है। वहीं 75 लाभार्थी ऐसे हैं जिन्हें कई साल पहले आवास निर्माण के लिए धनराशि मिल चुकी है लेकिन उन्होंने निर्माण शुरू नहीं कराया है। इनमें से कुछ लाभार्थियों को पहली और कुछ को दूसरी किस्त जारी हो चुकी है। अब विभाग ऐसे लाभार्थियों को जारी की गई धनराशि की वसूली की तैयारी में जुटा हुआ है। नगर के अनंतपुरा गुरुटोला मुहल्ला निवासिनी मीरा शर्मा पत्नी अरुण शर्मा को 22 मार्च 2021 को ही प्रथम किस्त के रुप में 50 हजार रुपये जारी किए गए थे। अब तक इन्होंने आवास का निर्माण नहीं शुरू कराया है। नगर के फरासटोला मुहल्ला निवासी मुकेश को 16 नंबवर 2019 को पहली किस्त के रूम में 50 हजार रुपये मिले। धनराशि जारी हुए लगभग चार साल हो गए अब तक आवास का निर्माण शुरू नहीं कराया गया। पीओ डूडा अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का कार्य काफी तीव्र गति से चल रहा है। लक्ष्य करीब हैं। लेकिन 75 लोग ऐसे हैं जो धन लेने के बाद भी मकान नहीं बना रहे हैं। अब ऐसे लोगों से वसूली के लिए कार्रवाई की जा रही है।