शहर के पुरानी कोतवाली पर चल रहे श्रीराम लीला में रावण अत्याचार का दृश्य।
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श्रीरामलीला समिति पुरानी कोतवाली के तत्वावधान में आयोजित श्रीरामलीला के दूसरे दिन मंगलवार की रात रावण जन्म और रावण के अत्याचार की लीला हुई। भगवान विष्णु की झांकी सजाई गई। रामलीला की शुरुआत भगवान श्रीराम, विष्णु और रामायण की आरती उतार कर की गई। दरभंगा की श्रीमिथिला आदर्श श्रीरामलीला मंडली बिहार दरभंगा ने रावण जन्म और रावण अत्याचार की लीला प्रस्तुत की। रावण के अत्याचारों से चारों तरफ त्राहि-त्राहि मच गई। पूरे देवलोक से लेकर पृथ्वी लोक में रावण के अत्याचार से सभी मर्माहत होने लगे। रावण ने सबसे पहले कुबेर को बंदी बनाकर उनके पूरे साम्राज्य पर कब्जा कर लिया। इसके बाद रावण अपने राक्षसी सेना के साथ जहां भी धार्मिक अनुष्ठान होता उसमें बाधा पहुंचाना, देवताओं को परेशान करना, उसके नित्य का क्रिया कलाप हो गया। देवताओं से लेकर पृथ्वीवासी ऋषि-मुनि रावण के अत्याचार से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव की शरण में पहुंचे। इस दौरान श्रीराम और विष्णु जी की झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। संयोजक विभाष ने बताया कि सात अक्तूबर की रात आठ बजे से सीता जन्म और नगर दर्शन की लीला होगी।