अधिवक्ता व कांग्रेसी नेता राजनरायन सिंह की हत्या बेटी की शादी टूटने पर पूर्व मंत्री ने ताबड़तोड़ फायरिंग करवा कर की थी। राजनरायन की पत्नी ने पूर्व मंत्री समेत चार को नामजद किया था। जिन्हें 29 अप्रैल 2023 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। पूर्व मंत्री पुत्र का नाम पुलिस की विवेचना में प्रकाश में आया था, जिसे अदालत ने शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
19 दिसंबर 2015 को अधिवक्ता राजनरायन सिंह की अलसुबह टहलते समय ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी सुधा सिंह ने इस हत्या कांड में पूर्व मंत्री अंगद यादव के अलावा अपने पट्टीदार सुनील सिंह को नामजद किया था। शूटर के रूप में अरूण यादव और शैलेश यादव का नाम सामने आया। घटना के पीछे अंगद यादव की बेटी की शादी टूटना मुख्य कारण है। अंगद की बेटी की शादी राजनरायन सिंह ने ही मुम्बई में प्रॉपर्टी डीलर व वकील से करवाई थी।
शादी के कुछ ही दिन बाद से परिवार में विवाद होने लगा और फिर शादी टूट गई। अंगद ने राजनरायन पर इस बात का दबाव बनाया की वह शादी टूटने से बचाएं। लेकिन राजनरायन ने इन्कार कर दिया जिस पर उनकी हत्या कर दी गई। चारों अभियुक्तों को न्यायालय ने 29 अप्रैल 2023 को की आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पूर्व मंत्री पुत्र आलोक का नाम इस मुकदमे में पुलिस की विवेचना के दौरान आया।
जनवरी में कुर्क हुई थी 40 लाख से अधिक की संपत्ति
आजमगढ़। जिला प्रशासन ने हत्या के मामले में अंगद यादव की 40 लाख से अधिक की संपत्ति कुर्क की है। उस पर अपराध जगत से अर्जित धन से संपत्ति बनाने का आरोप है। जो संपत्ति कुर्क की गई उसमें मूसेपुर का मकान और एक बाइक शामिल है। अंगद के खिलाफ थाना सिधारी मेें गैंगस्टर और 2000 से 2015 तक तीन और गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।