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पूर्वांचल को भारत का बनाया जाएगा राइस हब: डाॅ. सुधांशु सिंह

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रानी की सराय। इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टिट्यूट (आईआरआरआई) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक डाॅ. सुधांशु सिंह ने शनिवार को कोटवां स्थित कृषि महाविद्यालय का दौरा किया। उन्होंने महाविद्यालय में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों को देखा, साथ ही अन्य मुद्दों पर चर्चा की। महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. धीरेंद्र कुमार सिंह ने पुष्प गुच्छ देकर डाॅ. सुधांशु सिंह का स्वागत किया। निदेशक ने आईआरआरआई के बारे में बताया, साथ ही वहां पर संचालित शोध कार्यों के विषय में विस्तार से चर्चा की।
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इस अवसर पर उन्होंने बताया कि वर्तमान में विश्व स्तर पर वहां पर अभी 40 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। आईआरआरआई में अभी 120 सदस्यों का स्टाफ है, जिसमें 80 वैज्ञानिक एवं 60 विश्व स्तर के वैज्ञानिक हैं। जिसमें कई प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से भी चलाए जा रहे हैं। इन सभी प्रोजेक्ट को चलाने का मुख्य उद्देश्य धान के उन्नत बीज विकसित करना है। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल को भारत का राइस हब बनाया जाएगा। इस क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया गया है। अधिष्ठाता ने महाविद्यालय को प्राप्त होने वाली भूमि के बारे में जानकारी दी।
निदेशक डा. सुधांशु ने कृषि महाविद्यालय में प्रयोगशालाओं, परीक्षा कक्ष, पुस्तकालय, सभागार कक्ष आदि को देखा। उन्होंने छात्रों द्वारा बनाए मॉडलों को सराहा। इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डाॅ. अनिल कुमार सिंह, डाॅ. प्रकाश यादव, डाॅ. विमलेश कुमार, डाॅ. विनोद कुमार, डाॅ. विजय लक्ष्मी राय, डाॅ. रेनू गंगवार, डाॅ. विनीत प्रताप सिंह, डाॅ. टी पंडिआराज आदि मौजूद रहे।
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