परंपरागत उत्पाद को प्रोत्साहित करने और हस्त शिल्पियों को बेहतर मंच प्रदान करने की दिशा में रेलवे स्टेशनों पर खुले 'एक स्टेशन एक उत्पाद' स्टॉल अब यात्रियों को और भी आकर्षित करेंगे। रेलवे ने स्टाल बुकिंग के लिए आवेदन मांगे हैं। चाहे वह ब्लैक पॉटरी हो या रेशमी नगरी मुबारकपुर की साड़ी। इस योजना के तहत उन्हें 15 दिन के लिए स्टॉल उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'एक स्टेशन एक उत्पाद' को और प्रभावी तरीके से लागू करने की तैयारी है। ज्यादा से ज्यादा लाभार्थियों को जोड़ने के लिए रेलवे प्रशासन ''''जिला उद्योग केंद्र'''' की मदद ले रहा है। जहां पंजीकृत हस्त शिल्पियों को स्वर्णिम अवसर का लाभ मिल सके। इसके अलावा वेंडरों को एक मॉडल कियास्क (स्टॉल) देने की योजना है। जहां शिल्पकार अपने उत्पादों की बिक्री कर सकेंगे। इसकी वजह से अब ग्राहकों का भी स्टेशनों से जरिए स्टाल से जुड़ाव हो सकेगा। इससे विक्रेता के साथ ही कारोबार से जुडे लोगों को भी लाभ मिलना तय है। विभाग की माने तो ओडीओपी के तहत चयनित उत्पादों की बिक्री देश के कोने-कोने में हो इसलिए 'एक स्टेशन एक उत्पाद' योजना लाई है। इसके तहत हस्तशिल्पकारियों को 15-15 दिनों का मौका मिलेगा। इसके लिए उन्हें स्टेशन अधीक्षक के यहां या फिर मंडल वाणिज्य निरीक्षक के यहां संपर्क करना होगा। जिससे कि उन्हें स्टाल का आवंटन किया जा सके। हालांकि इसके पूर्व ओडीओपी के तहत चयनित ब्लैक पॉटरी की बिक्री करने के लिए स्टाल आवंटित किए गए थे। अब दूसरे को इसके लिए मौका दिया जाएगा।
'एक स्टेशन एक उत्पाद' योजना के तहत प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्टाल बनाया गया है। ओडीओपी के तहत चयनित उत्पादों की बिक्री करने वाले हस्तशिल्प कलाकारों को इसे 15 दिनों के लिए आवंटित किया जाएगा। ताकि उसे इसका लाभ मिल सके। इससे जिले का उत्पाद देश के कोने-काेने तक पहुंचेगा। -मिथिलेश कुमार, मंडल वाणिज्य निरीक्षक आजमगढ़