कस्बा और ग्रामीण इलाकों में मुहर्रम के मद्देनजर शिया आबादी वाले क्षेत्रों में मंगलवार को मजलिसों और जुलूसों का सिलसिला जारी रहा। मंगलवार को भी पांचवी मुहर्रम पर अलम, ताबूत और दुलदुल का जुलूस निकाला गया। इससे पूर्व हुई मजलिस में शहीदाने कर्बला को खिराजे अकीदत पेश की गई। दसमड़ा गांव में देर शाम सैयद मुहम्मत अब्बास के नेतृत्व में पांचवी का कदीती जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस हुसैनी इमामबाडा से निकलकर गांव के सैय्यद हाशिम और मरहूम नौशे हसन, फकरे अलम, शाहिद और अंसार हुसैन के अजखाने से होता हुआ कर्बला पहुंच कर समाप्त हुआ। जुलूस के दौरानअंजुमन गुलजारे पंजतन, अंजुमन अब्बासिया मेजवा, अंजुमन अकबरिया अकबरपुर, अंजुमन शहराजा ने नौहा और मातम से शहीदों को याद किया। मौलाना सैय्यद, नदीम हैदर जैदी ने कहा कि इमाम हुसैन इंसानियत का नाम है। आयोजक सैय्यद उर्फी ने आभार जताया।