आजमगढ़। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ द्वारा मंडलीय धरने का आयोजन संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय पर मंडलीय मंत्री मुन्नू यादव की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। जिसमें शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई। संघ के महामंत्री इंद्रासन सिंह ने कहा कि नई पेंशन योजना शिक्षकों की वृद्धावस्था में उसी जीवन स्तर के साथ जीवन यापन करने योग्य नहीं है जिस जीवन स्तर पर शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहा है। इसलिए सरकार किसी भी कीमत पर पुरानी पेंशन एवं वित्तविहीन शिक्षकों को वेतन नहीं देती है तो संगठन आर-पार की लड़ाई करने को तैयार है। मंडलीय मंत्री मुन्नू यादव ने कहा कि सरकार की ओर से शिक्षकों के साथ अन्याय करते हुए चिकित्सकीय सुविधा से वंचित किया है। जिसका शिक्षक संगठन किसी भी कीमत पर विरोध करेगा और चिकित्सीय सुविधा के लिए निर्णायक संघर्ष करने के लिए तैयार है। बलिया के जिला अध्यक्ष अरविंद राय ने कहा कि विद्यालय संचालन का समय अधिनियमित व्यवस्था के विरुद्ध और विवेक शून्य आदेश सरकार तत्काल वापस लें अन्यथा शिक्षक समाज सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होगा। जिलाध्यक्ष मऊ जय नारायण दुबे ने कहा कि हमने जो उपलब्धियां अर्जित किया है वह संघर्षों एवं बलिदानों के बल पर मिली है जिसको हम किसी भी कीमत पर खोने नहीं देंगे। आजमगढ़ जिला अध्यक्ष बृजेश राय ने कहा कि जब जब राज्य सत्ता शिक्षकों से टकराई है वह इतिहास के पन्नों पर सिमट के रह गई है। अगर सरकार ने हमारी मांगों को उपेक्षित किया तो शिक्षक समुदाय इसका घोर विरोध करेगा। प्रदेशीय आय व्यय निरीक्षक ध्रुवमित्र शास्त्री ने कहा कि सरकार पूरी तरह शिक्षा एवं शिक्षक विरोधी है। धरने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र सिंह ने आकर मुख्यमंत्री के नाम 19 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन लिया। साथ ही उसको मुख्यमंत्री को भेजने का आश्वासन दिया। धरने को जिला मंत्री विजय कुमार सिंह, रामानंद यादव, धर्मनाथ सिंह, प्रदीप यादव, कमलेश राय, विष्णुदेव राय, अक्षय कुमार राय, हरेंद्र सिंह, देव भाष्कर तिवारी, दुखंती यादव, अजय नाथ राय ने संबोधित किया। इस मौके पर राजेश भारती, सुनील यादव, सर्वेश सिंह, इंद्र शेखर पांडेय, आनंद यादव, गोपाल जी गुप्ता, चंद्र प्रकाश, वीरेंद्र सिंह, बृजभान, सिंह पंकज सिंह आदि उपस्थित थे।