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Azamgarh Jail Raid Case: कई सफेदपोश चेहरे हो सकते हैं बेनकाब, बैरक से बरामद मोबाइल खोलेंगे राज

Sat, 30 Jul 2022 02:25 PM IST
वाराणसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आजमगढ़

सार

आजमगढ़ जिला कारागार के औचक निरीक्षण  के बाद जेलर-डिप्टी जेलर समेत दो बंदीरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। 8 बंदियों पर भी मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। अब मोबाइल की सीडीआर डिटेल में बड़ा खुलासा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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आजमगढ़ जिला जेल में डीएम-एसपी ने मारा था छापा - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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आजमगढ़ जिला कारागार के औचक निरीक्षण के मामले में बरामद मोबाइल के सीडीआर विश्लेषण (काल डिटेल रिपोर्ट) की तैयारी में पुलिस महकमा जुटा है। इसके बाद कई सफेदपोशों के चेहरे बेनकाब होने की संभावना है।

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जेल से 12 मोबाइल की बरामदगी के बाद जेलर-डिप्टी जेलर समेत दो बंदीरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है तो वहीं आठ बंदियों पर भी मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। अब सीडीआर डिटेल में बड़ा खुलासा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। कई नामचीन व सफेदपोश सामने आ सकते हैं।

जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज व पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य बीते 26 जुलाई को जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान जेल में जमीन में मिट्टी के नीचे दबा कर रखे गए 12 मोबाइल, चार चार्जर, एक टीवी, 98 पुड़िया गांजा के साथ अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद किया था। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई तो वहीं एसपी के निर्देश पर सिधारी थाने में आठ बंदियों राकेश राय, शेषधर यादव, मनीष सिंह, कमलेश, प्रकाश जायसवाल, अरविंद यादव समेत दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया।

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वहीं शासन ने डीएम-एसपी की रिपोर्ट के आधार जेल राजेंद्र सरोज, डिप्टी जेलर श्रीधर व दो बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया। अब जेल से बरामद मोबाइल की सीडीआर (काल डिटेल रिपोर्ट) की तैयारी में पुलिस महकमा जुट गई है। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद जब्त मोबाइलों का सीडीआर विश्लेषण कराया जाएगा। एसपी अनुराग आर्य ने कहा कि जेल से बरामद 12 मोबाइल फिलहाल जब्त होने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में है।
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कोर्ट से जब्त मोबाइल का सीडीआर विश्लेषण कराने की अनुमति लेने का प्रयास किया जा रहा है। जैसे ही अनुमति मिलेगी तो सभी मोबाइलों का सीडीआर निकला जाएगा। जिससे यह पता लग सकेगा कि जेल के अंदर से बंदी किससे बात करते थे। जिन लोगों का नाम सीडीआर के माध्यम से सामने आयेगा, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जिले के नामचीनों के साथ ही सफेदपोश भी शामिल हो सकते है।
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