आजमगढ़। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बिजली के निजीकरण के विरोध में 18 अगस्त को प्रांतव्यापी विरोध प्रदर्शन और सभाएं करने का निर्णय लिया है। समिति की सोमवार को सिधारी स्थित हाईडिल प्रांगण में बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण का प्रस्ताव तैयार किया है, यह गलत है। कर्मचारियों ने आक्रोश व्यक्त किया और चेतावनी दी कि यदि निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश के बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता प्रदेश व्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन और सरकार की होगी। समिति के संयोजक प्रभु नारायण प्रेमी ने कहा कि बिजली कर्मचारियों, अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति ने निर्णय लिया है कि केंद्र व राज्य सरकारों की ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण की नीति के विरोध में 18 अगस्त को विरोध जताया जाएगा। इस मौके पर संदीप प्रजापति, आशुतोष यादव, जयप्रकाश यादव, राज नारायण सिंह, धर्म प्रसाद यादव आदि मौजूद रहे।