आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के हरिश्चंदपुर गांव में मारपीट के एक मामले में आरोपी युवक का नाम मुकदमे से निकालने के लिए एक पुलिसकर्मी पर 70 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। हालांकि इसके बाद भी नाम नहीं निकाला गया। आरोपी के घर 82 का नोटिस भी चस्पा हो गया। मामले में एसपी को पत्रक सौंप कर पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग की गई है। गांव में नौ मई को पूर्व व वर्तमान प्रधान पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। इसमें वादी मुकदमा पूर्व प्रधान इंदल कुमार ने वर्तमान प्रधान विरेंद्र यादव, महेंद्र यादव, साजमन, पंकज, प्रीति व राजकुमार को नामजद किया है। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन सीओ सदर कर रहे थे। आरोप है कि मामले में साजमन का नाम मुकदमे से वापस निकालने के लिए एक पुलिसकर्मी ने उसकी मां लक्ष्मीना से 70 हजार रुपये ले लिए। लेकिन, इसके बाद भी साजमन का नाम नहीं निकाला गया और 82 का नोटिस भी चस्पा हो गया। साजमन ने जब संबंधित पुलिसकर्मी से बात की तो उसने हाजिर होने की सलाह दी। साजमन से पैसे के लेनदेन की बातचीत का आडियो भी वायरल हो रहा है। साजमन पुलिस विभाग में कांस्टेबल था और वाराणसी में उसकी तैनाती थी। शासन स्तर से बर्खास्त किए गए 74 सिपाहियों में वह भी शामिल है। साजमन ने एसपी को पत्रक सौंप कर पुलिसकर्मी से पैसा वापस दिलाने व मुकदमे की नए सिरे से जांच करा कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। जांच की जा रही है। यदि आरोप सिद्ध होता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।