बलरामपुर। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर के शव को बिना सील किए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। फार्मासिस्ट ने शव का पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। उधर, पुलिस पर मामले में लीपापोती करने का आरोप लगाकर परिजनों ने हंगामा किया। सूचना पर सीओ सिटी मय फोर्स पहुंचे। अधिकारियों के समझाने पर परिजन करीब तीन घंटे बाद माने और पोस्टमार्टम शुरू हुआ।
जहानागंज थाना के बीरमपुर गांव निवासी राजेश पासवान (42) गाजीपुर में एक इंश्योरेंस कंपनी में मैनेजर थे। परिजनों के अनुसारए रविवार की सुबह छह बजे के करीब राजेश पत्नी के मामा के साथ घर से निकला था। इसके बाद राजेश ने दोपहर में पत्नी से मोबाइल पर बात की। शाम करीब सात बजे पुलिस ने सूचना दी कि राजेश बेहोशी की हालत में भीटी गांव के पास सड़क मिला है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजन उसे लेकर शहर के एक निजी अस्पताल गए जहां उसकी मौत हो गई। राजेश के शव को पुलिस ने बिना सील किए रात में ही पोस्टमार्टम के लिए पोस्टमार्टम हाउस पर रखवा दिया। इस कारण्हां तैनात फार्मासिस्ट ने पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। मामले में पुलिस पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों का कहना था कि पुलिस केवल मुंह से गाज निकलना बता रही और यही लिखी थी, जिससे इस घटना को एक्सीडेंट का रूप दिया जा सके। जबकि पुलिस घायल अवस्था में मिलने के बाद खुद लेकर जिला अस्पताल आई थी। वहां से रेफर करने के बाद राजेश को लेकर परिजन व पुलिस शहर के एक निजी अस्पताल में गई। वहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद भी पुलिस ने कागजी कार्रवाई नहीं की। परिजनों का हंगामा देख सीओ सिटी गौरव शर्मा, शहर कोतवाल शशिमोली पांडेय पहुंच गए। स्वास्थ्य विभाग से एडिशनल सीएमओ डॉ. उमा शरण पांडेय और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरविंद चौधरी भी पहुंच गए। डॉ. अरविंद चौधरी ने नियमों का हवाला दिया। परिजन को समझाकर मामले को शांत कराया। इसके बाद पोस्टमार्टम शुरू हो गया।