नोडल अधिकारी साइबर क्राइम विवेक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में साइबर सेल को बड़ी कामयाबी मिली है। साइबर सेल ने शादी का झांसा देकर रुपये ट्रांसफर कराने व हनी ट्रैप का शिकार बनाकर ठगे हुए दो लाख 19 हजार रुपये को वापस कराया है। पीड़ितों को ठगे हुए रुपये वापस मिले तो उनके चेहरे की मुस्कान लौट आई। दोनों ने पुलिस को धन्यवाद दिया।
केस-1
शादी का झांसा देकर खाते में ट्रांसफर कराए रुपये
रानी की सराय। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले 58 वर्षीय बुजुर्ग ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि वह समाचार पत्र में शादी का विज्ञापन देखा, जिसमें दिए गए मोबाइल नंबर पर वार्ता करने लगे। इसमें साइबर फ्राड ने आवेदक से लड़की के आवास में वार्ता किया और आवेदक को अपने जाल में फंसा कर अपने खाते में एक लाख 60 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिया। साइबर सेल ने मामले की जांच की। इसमें पता चला कि आवेदक के पैसे इंडियन बैंक में गए थे। तत्काल ब्लाॅक कराते हुए आवेदक का पूरा पैसा वापस करा दिया गया।
केस-2
युवक को बनाया हनी ट्रैप का शिकार
रानी की सराय। शहर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले व्यक्ति के मोबाइल पर अज्ञात व्हाट्सएप नंबर से वीडियो काल आया। उधर से एक महिला का अश्लील वीडियो चल रहा था। इसमें आवेदक को फंसाकर स्क्रीन रिकार्डिंग कर लिया गया। इसके बाद अपराधियों ने स्क्रीन रिकार्डिंग का वीडियो भेजकर वायरल करने की धमकी देकर आवेदक को ब्लैकमेल कर पैसों की मांग करने लगे। इसमें आवेदक डर से 59 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। उसके बाद जब बार-बार पैसों की मांग की जाने लगी तो आवेदक ने साइबर सेल को सूचना दी। साइबर सेल जांच कर उक्त फ्राड का व्हाट्सएप बंद कराते हुए ट्रांसफर किए गए पैसों की जांच की। उक्त पैसा एचडीएफसी बैंक के दो खाते में गया था। तत्काल ब्लाॅक कराते हुए आवेदक का पैसा वापस कराया।