आजमगढ़। केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना से पूरे देश में युवाओं में आक्रोश व्याप्त है। जिसको लेकर सोमवार को दर्जनों की संख्या में आए हुए युवा नौजवानों ने 100 शैय्या अस्पताल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करने की कोशिश की। जिसे प्रशासन की सक्रियता से रोका गया। पुलिस को इस बात की भनक पहले ही लग चुकी थी। सुबह से ही पुलिस, सीआरपीएफ व सशस्त्र सीमा बल के जवानों को तैनात कर दिया गया था। थानाध्यक्ष मदन कुमार गुप्ता लगातार स्थिति पर अपनी नजर बनाए रखें। एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी, नायब तहसीलदार बूढ़नपुर मौके पर पहुंच गए और राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की योजना बना रहे युवाओं को समझाने बुझाने का प्रयास किया गया। स्थानीय ग्राम प्रधानो को बुलाकर युवाओं को समझाया गया। आंदोलित युवाओं का कहना था कि केंद्र सरकार की इस योजना से हम युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। 4 वर्ष की संविदा स्वरूप नौकरी से लोगों का भला नहीं हो सकता। सरकार इस पर पुनर्विचार करें और इसे वापस ले। आला अधिकारियों ने किसी तरह समझा-बुझाकर युवाओं को वापस भेजा। युवाओं को वापस भेजने के बाद भी पुलिस प्रशासन सायं 5 बजे तक राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 233 पर खड़ी रही। इस संबंध में नायब तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि यहां पर अग्निपथ योजना को लेकर कुछ युवक जिनको पहले से भड़काया गया था। जिसके विरोध में लोग यहां एकत्रित हुए थे। भीड़ को हम लोगों द्वारा समझाया गया। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा ऐसी हरकतें की गई जिसके कारण थोड़ा सख्त रवैया अपनाना पड़ा। उनके अभिभावकों को बुलाकर युवाओं को यहां से खदेड़ा गया।