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संबोधन में दिखी रिश्तों की पुकार

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प्रतिभा निकेत स्कूल में आयोजित हुनर रंग महोत्सव में नाटक हवालात का दृश्य। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। हुनर संस्थान की ओर से प्रतिभा निकेतन स्कूल में चल रहे तीन दिवसीय हुनर रंग महोत्सव के दूसरे दिन तीन नाटकों का मंचन किया गया। इस दौरान संबोधन के मंचन में रिश्तों की पुकार दिखी। इसी के साथ दो और नाटकों ‘नौटंकी में झमेला’ और ‘एंड्रोजनी’ के भी मंचन को सराहा गया। रंग संध्या का उद्धघाटन सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, रमाकान्त वर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित व माल्यर्पण कर किया। सर्वप्रथम अविराम भोपाल मध्य प्रदेश की ओर से सुनील राज द्वारा लिखित एवं निर्देशित मानवीय संबंधों पर आधारित नाटक ‘संबोधन’ का मंचन किया गया। नाटक में 22 वर्षीय बेटी अपने पिता से पहली बार मिल रही है। इससे पहले उसने सिर्फ अपनी मां से सुना है पिता के बारे में। पिता और मां को अलग हुए 22 वर्ष हो चुके हैं। इस बीच दोनों एक बार भी नहीं मिले। नाटक में आरती विश्वकर्मा, सुनील राज, ऋषभ मरावी, शाद लाला की प्रस्तुति को सराहा गया। दूसरी नाट्य प्रस्तुति कला निकेतन धनबाद झारखंड के वशिष्ठ प्रसाद सिन्हा लिखित और निर्देशित नाटक ‘नौटंकी में झमेला’ का मंचन किया गया। इसमें सड़ी गली अपसंस्कृति के कारण देश की नौटंकी विधा संस्कृति विलुप्त होना बताया गया। तीसरी नाट्य प्रस्तुति बियांड इमेजिंगनेशन थिएटर ग्रुप दिल्ली द्वारा सुरेन्द्र सागर लिखित एवं निर्देशित नाटक ‘एंड्रोजनी’ का मंचन किया गया। प्रस्तुति थर्ड जेंडर की व्यथा पर आधारित रही। इससे पूर्व वाराणसी, मिर्जापुर, गोरखपुर के कलाकारों ने नृत्य प्रतियोगिता में भाग लिया। स्वागत अभिषेक जायसवाल दीनू, मनोज यादव, हेमन्त श्रीवास्तव ने किया। जबकि संचालन संस्थान सचिव सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया। इस दौरान अशोक मानव, सलीम राजा , सुनील अग्रवाल, मनीष रतन अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, अजेन्द्र राय, विजयलक्ष्मी मिश्रा, शशि सोनकर, डॉ. शशिभूषण शर्मा, कमलेश सोनकर, अमरजीत विश्वकर्मा, रवि चौरसिया, आकाश गोंड़, सावन प्रजापति, विकाश सोनकर मौजूद थे।
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