फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फार्मासिस्ट के भरोसे चल रही पीएचसी

विज्ञापन
विज्ञापन
रानी की सराय। फरिहां स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बदहाली का शिकार है। डाक्टर के न बैठने से पीएससी मात्र एक फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। सुबह नौ से दोपहर तक अस्पताल खुलता है। इसके बाद यहां ताला लग जाता है। सोमवार को भी दोपहर पौने बारह बजे तक अस्पताल फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय उपस्थित मिले। लेकिन डाक्टर सहित अन्य स्टाफ नदारद थे। न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फरिहां में मरीजों को उपचार की सुविधा प्रदान करने के लिए एक चिकित्साधिकारी डॉ. बेलाल अहमद सहित नौ कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इस स्वास्थ्य केंद्र पर स्थानीय गांव सहित दूर-दराज गांव के मरीज उपचार के लिए आते हैं, लेकिन अधिकांशत: ऐसा होता है कि चिकित्सक नदारद रहते हैं। ऐसे में मरीजों को निराशा होती है। मजबूरीवश उन्हें फार्मासिस्ट धर्मेंद्र कुमार शर्मा से उपचार कराना पड़ता है। चिकित्सक के अभाव में अधिकांश मरीज यहां आकर लौट जाते हैं। प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने के लिए मजबूर होते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। चिकित्सक के अभाव में इधर-उधर की दौड़ लगानी पड़ रही है। जबकि पीएससी पर चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट, एनएमए, स्टाफ नर्स पुरुष, स्टाफ नर्स महिला, बीएचडब्लू, वार्ड ब्वाय, स्वीपर सहित कुल नौ पद स्वीकृत है। स्टाफ के बैठने के लिए अलग अलग कक्ष बने हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार पीएचसी की सुरक्षा भी राम भरोसे चल रही है। इसी परिसर के एक कमरे में राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल का भी संचालन होता है। यहां प्रतिदिन मरीज उपचार के लिए आते हैं। लेकिन अस्पताल में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें