अहरौला। डीजल, पेट्रोल व रसोई गैस के लगातार बढ़ रहे दामों से परेशान किसान, व्यापारी, बेरोजगार, गृहणी महिलाएं बेकाबू महंगाई से परेशान होकर रविवार को विरोध प्रदर्शन पर उतर गई। इस दौरान उन्होंने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए और महंगाई को नियंत्रण करने की मांग की। लोगों ने कहा कि डीजल, पेट्रोल यहां तक कि रसोई गैस के दाम भी लगातार बढ़ने से जहां गृहणियों को रसोई चलाना भारी हो रहा है। वहीं लगातार किराया बढ़ने से इसका असर सीधे अन्य चीजों पर महंगाई का असर पड़ रहा है। चीजें महंगी हो रही है जिससे मध्यमवर्गीय लोगों को परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। लोगों ने कहा कि बड़ी उम्मीद के साथ प्रदेश की जनता ने भाजपा सरकार को पुन: सत्तासीन किया है और इसका खामियाजा मध्यमवर्गीय परिवारों, बेरोजगारों व किसानों को उठाना पड़ रहा है। अगर प्रदेश व केंद्र सरकार महंगाई पर नियंत्रण नहीं करती है तो 2024 में आने वाले लोकसभा के चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। बेहतर होगा की सरकार मूल्यों के नियंत्रण पर काम करें लोगों के बेहतरी के लिए काम करें। रसोई गैस हर परिवारों के लोगों का एक अहम हिस्सा बन चुकी है वह भी महंगी हो रही है। जिस पर लोगों ने देश के राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्रदेश के राज्यपाल के नाम भेजा है। महंगाई पर नियंत्रण के लिए मांग की है। इस मौके पर समाजसेवी लक्ष्मी चौबे, पूर्व प्रधान राम शब्द निषाद, प्रमोद मोदनवाल, अशोक यादव, ओंकार निषाद, भवरनाथ, सूर्यनाथ आदि उपस्थित थे।