घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। बृहस्पतिवार को बदरहुंआ नाले पर 35 सेमी तो डिघिया नाले पर 40 सेमी नदी का घटाव दर्ज किया गया। इससे देवारा वासियों ने एक बार फिर राहत की सांस ली है।
घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद तीन दिनों से लगातार तेजी से घट रहा है। गांव के रास्ते जगह-जगह टूट गए हैं। जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना करना पड़ रहा है। वहीं, जल जमाव होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। घाघरा नदी का जलस्तर काफी नीचे होने के कारण कटान रुक गई है। बाढ़ से निपटने के लिए 10 बाढ़ चौकियां बनाई गई है।
जिलाधिकारी का दौरा होने के कारण सभी बाढ़ चौकियां बृहस्पतिवार को सक्रिय नजर आईं। नहीं तो यहां पर जल्दी कोई कर्मचारी नहीं मिलते थे। नदी में तीन बैराजों से 128650 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है। जिसमें गिरजा बैराज से 107287 क्यूसेक पानी, शारदा बैराज से 18680 क्यूसेक पानी व सरयू बैराज से 2683 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है। नदी के घटने से लोगों ने राहत की सांस लिया है। लेकिन अभी भी अंदर डर समाया है कि कहीं अचानक फिर नदी न बढ़ने लगे।
बदरहुंआ नाले पर बुधवार को शाम चार बजे नदी का जलस्तर 71.35 मीटर था, जो बृहस्पतिवार को 35 सेमी घटकर 71.00 मीटर हो गया। यहां का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर व अधिकतम 73.52 मीटर है। इसी प्रकार डिघिया नाले पर शाम चार बजे जलस्तर 70.51 मीटर था, जो 40 सेमी घटकर 70.11 मीटर हो गया। यहां का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर व अधिकतम 72.59 मीटर है।