स्वास्थ्य विभाग में चल रहे अनफिट वाहन।संवाद।-प्लान खबर की फोटो
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आजमगढ़। स्वास्थ्य विभाग मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। उसके द्वारा अनफिट वाहनों से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाया जा रहा है। इतना ही नहीं विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की गाड़ी का बीमा, फिटनेस तो फेल ही है उनकी गाड़ियों का कर भी कई वर्षों से बाकी है। किसी की तबियत खराब होने या दुर्घटना होने के बाद एंबुलेंस के जरिए घायलों और बीमारों को अस्पताल तक पहुंचाया जाता है। लेकिन आज जनपद में संचालित ज्यादातर एंबुलेंस खुद ही बीमार हैं। जिसका परिणाम है कि आए दिन यह एंबुलेंस जगह-जगह मरीज को ले जाते समय खराब होकर खड़ी हो जाती हैं। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम द्वारा जब स्वास्थ्य विभाग के गाड़ियों की पड़ताल की गई है। परिवहन विभाग के एप पर ज्यादातर एंबुलेंस का फिटनेस फेल पाया गया। इतना ही नहीं जिन सूमो गाड़ियों से स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी डिप्टी सीएमओ आवागमन करते हैं। उनका फिटनेस से लेकर बीमा और कर तक कई वर्ष पहले ही फेल पाया गया। ऐसे में सरकारी विभागों की यह कार्यशैली बहुत बड़ा सवाल खड़ा करती है। क्योंकि एक तरफ आम जनमानस का फिटनेस, प्रदूषण, बीमा आदि न होने पर उनकी गाड़ियों पर हजारों रुपये का जुर्माना वसूलती है। वहीं इन गाड़ियों को पूछने वाला कोई नहीं है। आरटीओ आरएन चौधरी ने बताया कि अगर ऐसा है तो विभाग को पत्र जारी कर किया जाएगा। अगर उनके द्वारा गाड़ियों की फिटनेस आदि के कागजात को दुरुस्त नहीं कराया जाता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग में चल रहे अनफिट वाहन।संवाद।-प्लान खबर की फोटो- फोटो : AZAMGARH