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Azamgarh News: अभिभावक बेपरवाह, नाबालिग बच्चे बाइक और स्कूटी से फर्राटा भर रहे

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आजमगढ़। नए मोटर व्हीकल एक्ट में नाबालिग बच्चों के बाइक-कार चलाने पर भले ही कड़ी पाबंदी है, पर आजमगढ़ शहर से लेकर कस्बों तक की सड़कों पर बाइक, स्कूटी और कार से फर्राटा भर रहे हैं। बाइक और स्कूटी चलाकर नाबालिग बच्चे स्कूल भी जा रहे हैं। अभिभावक भी बच्चों को बाइक देकर स्कूल भेज कर गलत आदतों को बढ़ावा दे रहे हैं।
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नया नियम आने के बाद जिम्मेदारों ने स्कूल, कॉलेजों व अन्य विभिन्न स्तर पर बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को जागरूक किया है। लेकिन अभी इस जागरूकता का बहुत असर नहीं है। मोटर व्हीकल एक्ट में नाबालिग से हादसे पर उनके परिवार वालों के विरुद्ध कार्रवाई का प्रावधान है। यदि सड़क पर कोई नाबालिग बाइक-कार चलाता मिलेगा तो उसके अभिभावक के विरुद्ध जुर्माना और तीन महीने कारावास का नियम है। इसे लेकर विभाग का निर्देश भी है। बिना हेलमेट-डीएल के बाइक से बच्चों के स्कूल न आने पर प्रतिबंध है। विभाग ने ऐसे छात्रों को स्कूलों में प्रवेश न देने व उनकी बाइक पार्किंग में न खड़ी कराने को लेकर बात कही थी। हर स्कूल में रोड सेफ्टी क्लब करने के निर्देश हैं। छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों को बताने के लिए स्कूल में ही शिक्षक को नोडल नामित किया गया है। कोई व्यक्ति जो 18 वर्ष से कम आयु का है, किसी सार्वजनिक स्थान पर मोटर यान नहीं चलाएगा। यदि व्यक्ति 16 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने के बाद सार्वजनिक स्थान पर सिर्फ 50 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाली बाइक या स्कूटी चला सकेगा।

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स्कूलों को निर्देश है कि बिना लाइसेंस के बच्चे को वाहन लेकर स्कूल में प्रवेश न दिया जाए। अभिभावकों से अपील की जा रही है कि वे यातायात के नए नियम समझें और बच्चे के जीवन को सुरक्षित करने को उसे निर्धारित आयु पूरी करने पर ही ड्राइविंग को वाहन दें।
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- अतुल कुमार यादव, एआरटीओ प्रवर्तन।
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