जिले के 1811 ग्राम पंचायतों में नियुक्त पंचायत सहायकोंं ने बकाया मानदेय के भुगतान सहित विभिन्न मांगों को लेकर विकास भवन पर नारेबाजी के बीच धरना दिया। मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। डीपीआर श्रीकांत दर्वे ने उनकी मांगों को सुना और आश्वासन देते हुए धरना समाप्त कराया।
जिले में कुल 22 ब्लाक हैं। जिसमें कुल 1811 ग्राम पंचायतें है। सभी ग्राम पंचायतों में प्रत्येक सचिवालय पर पंचायत सहायक नियुक्त हैं। यह ग्रामीण स्तर पर सभी योजनाओं व समय-समय पर होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। पंचायती राज विभाग के कार्यों के अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग जैसे अन्य विभागों का कार्य पंचायत सहायकों से जबरन कराने का प्रयास किया जा रहा है जिसका वह विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह उनके लिए उचित नहीं है।
कहा कि जनपद में महिला पंचायत सहायक की संख्या अधिक है जिसमें कुछ विवाहित भी हैं। इनको मातृत्व अवकाश देने तथा संपूर्ण मानदेय दिए जाने का विशेष अनुरोध किया। पंचायत में जो निर्वाचित व्यक्ति हैं उन्हें ही बैठने की मांग की। कारण कि ज्यादातर ग्राम पंचायतों में निर्वाचित महिला के पति या फिर उनके पुत्र द्वारा पंचायत सहायकों के साथ व्यवहार ठीक से नहीं किया जाता है। उन्होंने अपने साथ हो रहे शोषण को भी बंद करने की मांग की।
डीपीआरओ श्रीकांत दर्वे ने बताया कि उन्होंने पंचायत सहायकों की समस्याओं को सुना। आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों को पूरा कराने का प्रयास करेंगे।