किसानों को सब्सिडी पर कृषि विभाग 1300 क्विंटल धान का बीज बांटेगा। इस माह के अंत तक धान का बीज आ जाएगा। इसके बाद किसान ब्लाक क्षेत्र के राजकीय बीज गोदामों से ले सकेंगे।
जिले में खरीफ की मुख्य फसल धान की बड़े पैमाने पर खेती होती है। संडा रोपाई करने वाले किसान मई माह के पहले सप्ताह से ही धान की नर्सरी डालने में जुट जाते हैं क्योंकि धान की नर्सरी तैयार होने के बाद पहले संडा रोपना पड़ता है। नर्सरी के बाद संडा की रोपाई में किसानों का 45 से 50 दिन का समय निकल जाता है। इसलिए संडा रोपने वाले किसान पहले से ही तैयारी में जुट जाते हैं। किसानों को उन्नतिशील किस्म का बीज उपलब्ध कराने के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है। इसी माह के अंत तक 1300 क्विंटल विभिन्न प्रजातियों का धान का बीज आ जाएगा। इसको कृषि विभाग परिसर व ब्लाक क्षेत्र में स्थित राजकीय बीज गोदामों से किसानों को पचास प्रतिशत सब्सिडी पर दिया जाएगा। इसके अलावा खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए 600 क्विंटल ढैचा भी मंगाया जा रहा है।
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इस माह के अंत तक 1300 क्विंटल विभिन्न प्रजातियों के धान का बीज आ जाएगा। इसको पचास प्रतिशत सब्सिडी के आधार पर राजकीय बीज गोदामों से किसानों को दिया जाएगा। - डॉ गगनदीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।