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आक्सीजन के कालाबाजारी प्रकरण की शुरू हुई जांच

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आजमगढ़। ऑक्सीजन कालाबाजारी प्रकरण की जांच एसडीएम सदर करेंगे। जिलाधिकारी की ओर से नियुक्त जांच अधिकारी एसडीएम उन चिकित्सकों की भी जांच करेंगे जिनकी पर्ची पर ऑक्सीजन कालाबाजारी करने वाला सिलिंडर भरता था। कोरोना काल में आपदा को अवसर मानते हुए कुछ लोगों ने आक्सीजन की कालाबाजारी कर लाखों कमाया है। एक मामूली सा प्यादा फिलहाल पकड़ में आया है और इसके पीछे जिले के कई वरिष्ठ डॉक्टरों के शामिल होने की चर्चा है। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण की गहनता से जांच कराने की रणनीति बनायी है। जिसके तहत जांच की जिम्मेदारी एसडीएम सदर को सौंपी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जांच में जिले के कई डॉक्टर के नाम सामने आ सकते हैं। जिन्होंने आपदा को अवसर मानते हुए काली कमाई की है। जिले में आक्सीजन व बेड के आभाव में काफी संख्या में मरीजों की मौत हुई। वहीं कुछ लोग आपदा को अवसर मानते हुए काली कमाई में जुटे रहे। ऑक्सीजन की कालाबाजारी ऐसी की गई कि कुछ डॉक्टरों की पर्ची पर होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के नाम पर ऑक्सीजन के खाली सिलेंडर भरवाए गए और उसे ब्लैक में जरूरमंदों को बेचा गया। हजार पांच सौ नहीं बल्कि जंबो आक्सीजन सिलेंडर को 10 हजार में उपलब्ध कराया गया। वहीं छोटा सिलेंडर एक हजार में बेचा गया। अमर उजाला ने आक्सीजन के कालाबाजारी की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो डीएम के निर्देश पर छापेमारी हुई। जिसमें कंधरापुर थाना क्षेत्र के मोर्चा गांव निवासी रिजवान के घर से भारी मात्रा में छोटे व बड़े आक्सीजन सिलेंडर बरामद हुए। रिजवान को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया तो पूछताछ में उसने खुलासा किया किया कि प्राइवेट डॉक्टरों द्वारा होम आइसोलेशन में रहे मरीजों के नाम पर पर्ची बनाई गई और उसी पर्ची के आधार पर उसने अपने लोगों को लाइन में लगा कर खाली आक्सीजन सिलेंडर को भरवाया, जिसे बाद में ब्लैक में बेचा गया।
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