आजमगढ़। लोकसभा चुनाव के दौरान पैसे बांटने पर रोकने लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने चेकिंग के दौरान कुल 46 लाख 70 हजार 960 रुपये बरामद किए थे। इसमें से दो लोगों से पकड़ी गई 30.50 लाख रुपये की धनराशि आयकर विभाग को सौंपी गई थी, जो अब तक अवमुक्त नहीं हो सकी है।
लोकसभा चुनाव के दाैरान जांच में किसी के पास 50 हजार से अधिक रुपये बरामद होने और उसके बाद में कागजात न होने पर धन को कोषागार में जमा कराया गया था। जनपद में उड़नदस्ते और स्थायी निगरानी टीमों की ओर से कुल 46 लाख 70 हजार 960 रुपये पकड़े गए थे। इनमें से 19 लाख 65 हजार 760 रुपये लालगंज लोकसभा क्षेत्र में और 27 लाख पांच हजार दो सौ रुपये आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र में पकड़े गए थे।
इस दौरान जनपद के दोनों लोकसभा क्षेत्रों में दो व्यक्तियों से टीमों ने 30 लाख 50 हजार रुपये की बरामदगी की थी। रकम अधिक होने के कारण सीटीओ ने इस धनराशि को आयकर विभाग को सौंप दिया था। समिति के सामने अभिलेख दिखाने पर कोषागार में जमा धनराशि रिलीज कर दी गई लेकिन आयकर विभाग को सौंपी गई धनराशि अब तक रिलीज नहीं हो सकी है।
कोट...
जनपद में जो धनराशि पकड़ी गई थी, उसमें 10 लाख से अधिक की धनराशि आयकर विभाग को सौंपी गई थी। जो धनराशि 10 लाख से कम थी, उसे समिति के समक्ष अभिलेख प्रस्तुत करने पर संतुष्टि के बाद अवमुक्त कर दिया गया था। आयकर विभाग को सौंपी गई धनराशि का क्या हुआ, इसके बारे में जानकारी नहीं है।
- अनुराग श्रीवास्तव, मुख्य कोषाधिकारी।
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इस मामले में हमारे स्तर से कोई कार्रवाई नहीं होनी है। हमने उस धनराशि को वाराणसी जमा करा दिया था। अब जिसकी धनराशि है, वह वाराणसी जाकर अपने अभिलेख उपलब्ध कराए, तभी यह धनराशि वहां से रिलीज होगी।
- शिव गोविंद सिंह, आयकर अधिकारी।