एसपी अनुराग आर्य द्वारा अपराधियों के विरुद्घ चलाए जा रहे अभियान के क्रम में शुक्रवार को जिले में पशु तस्करी, गोवध और हत्या के मामले में सात गिरोहों को रजिस्टर्ड किया। साथ ही सभी गिरोहों की एक नाम दिया। इन गिरोहों में शामिल अपराधी जनपद में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं।
एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि जिले में जिन सातो गिरोहों को रजिस्टर्ड किया गया है। जिसमें जिले के बरदह थाना क्षेत्र के रहने वाले मकसूद जो कि संगठित गिरोह बनाकर पशु तस्करी की घटनाओं को अंजाम देता है। यह गिरोह अब मकसूद गैंग के नाम से जाना जाएगा। इस गैंग का कोड नंबर ष्ठ-143 होगा। इस गिरोह के सदस्यों में रूस्तम, अंकित यादव मोहम्मद रईस, सुनील यादव और बब्लू उर्फ बृजेश यादव हैं। बिलरियागंज थाना क्षेत्र का रहने वाला मोहम्मद माजिद भी गैंग बनाकर जिले में संगठित अपराध की घटनाओं को अंजाम देता जहै। यह गैंग अब माजिद गैंग के नाम से जाना जाएगा। यह गैंग गोवध की घटनाओं को अंजाम देता है। इस गैंग का कोड नंबर ष्ठ-144 होगा। इस गैंग के सदस्यों में मोहम्मद आजम उर्फ शब्बू हैं। वहीं जीयनपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला वीरेन्द्र यादव उर्फ डब्लू यादव गैंग बनाकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता है। यह गैंग हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम देता है। यह गैंग वीरेन्द्र यादव गैंग के नाम से जाना जाएगा। इस गैंग का कोड नंबर होगा ष्ठ-145। इस गैंग के सदस्यों में सुनील यादव, मेवालाल यादव, बृजेश यादव और चंदन यादव प्रमुख हैं। जबकि तरवां थाना क्षेत्र का रहने वाला संचम यादव जो कि संगठित गैंग बनाकर हत्या, लूट जैसी घटनाओं को अंजाम देता है। इस गैंग की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इस गैंग को रजिस्टर्ड किया गया है। यह गैंग संचम यादव गैंग के नाम से जाना जाएगा। इस गैंग का कोड नंबर ष्ठ-146 होगा। इस गैंग के सदस्यों में लालजी यादव और अरविन्द यादव हैं। मेंहनगर थाना क्षेत्र का रहने ब्रम्हानंद यादव उर्फ नंगा यादव संगठित गैंग बनाकर हत्या, लूट और हत्या के प्रयास जैसी घटनाओं को अंजाम देता है। यह गैंग अब ब्रम्हानंद यादव गैंग के नाम से जाना जाएगा। इस गैंग का कोड नंबर ष्ठ-147 होगा। इस गैंग के सदस्यों में लालचंद्र राजभर और सत्यम यादव हैं। वहीं नगर कोतवाली का रहने वाला इरफान उर्फ गुड्डू जो मुबारकपुर में रह रहा है और संगठित गिरोह बनाकर अपराध करता है। यह गिरोह जिले में गोवध जैसी घटनाओं को अंजाम देता है। यह गैंग अब इरफान गैंग के नाम से जाना जाएगा। इस गैंग का कोड नंबर ष्ठ-148 होगा। इस गैंग के सदस्यों में शाहदाब उर्फ शाहब, अल्तमस, नूससबा प्रमुख हैं। जबकि तहबरपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला श्रीकांत राय जो कि संगठित गिरोह बनाकर जिले में अवैध गांजे की बिक्री करने का कार्य करता है। इस गैंग की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए यह गैंग रजिस्टर्ड किया गया है। यह गैंग श्रीकांत राय गैंग के नाम से जाना जाएगा। इस गैंग का कोड नंबर ष्ठ-149 होगा। इस गैंग के सदस्यों में जिलाजीत, प्रमोद यादव, लालू और पीयूष राय शमिल हैं।