जिले में जल जीवन मिशन की प्रगति काफी धीमी है। जिसके कारण 53 गांवों में ही पेयजल परियोजनाओं का काम पूरा हो पाया है। जबकि मार्च 2024 तक हर घर को नल से जोड़ना है। शहरों की भांति गांव में रहने वाले लोगों के घर तक नल से जल पहुचाने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन की शुरूआत की थी। योजना के तहत हर गांवों में ओवर हेड टैंक का निर्माण व पाइप लाइन बिछाकर हर घर को नल से जोड़ना है। जनपद में लगभग 3400 करोड़ की विभिन्न गांवों में 1459 पेयजल परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं। समय पर काम को पूरा करने के लिए सात कार्यदायी संस्थाएं लगी हैं। मार्च 2024 तक काम को पूरा करना है। जिस प्रकार से काम हो रहा है उससे लग रहा है कि मार्च तक काम कैसे पूरा होगा। अब तक 53 गांवों में विभाग नल से जल पहुंचा पाया है। 802 जगहों पर ट्यूवबेल की बोरिंग हो चुकी है और 91 पंप हाउस बन चुके हैं। 80 ओवर हेड टैंक का निर्माण पूरा किया गया है। जिले में 1459 पेयजल परियोजनाओं के माध्यम से 623362 घरों तक नल से जल देने का लक्ष्य है। विभाग की आंकड़ों पर गौर किया जाय तो अब तक 1.40 लाख घरों तक पाइप विछाकर टोटी लगाई जा चुकी है। 1459 के मुकाबले 1049 जगहों पर काम चल रहा है। सरायमीर : विकास खंड मिर्जापुर के शेरवां, फत्तनपुर, हसनपुर, करौली खुर्द, पवई लाडपुर, अबडीहा इब्राहिमपुर में करोड़ों की लागत से बनी पानी टंकी से अभी तक मात्र दो गांव के लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो रही है। जबकि चार गांवों के लोग पानी आपूर्ति की बाट जोह रहे हैं। ग्राम शेरवां,पवई लाडपुर में ट्रायल हुआ लेकिन लीकेज के चलते पानी की आपूर्ति बंद है। एक माह पूर्व पुलिया की खोदाई में सप्लाई की पाइप कट गई। जिससे वहां भी पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई। जल जीवन मिशन सहायक अभियंता सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पेयजल परियोजनाओं का कार्य तेजी से कराए जाने के साथ ही कार्य की गुणवक्ता की भी जांच की जा रही है। हर सप्ताह शासन और जिले स्तर पर मीटिंग हो रही है। हर हाल में मार्च तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा।