समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के सोमवार को डेढ़ माह पूरे हो गए। इस दौरान आजमगढ़ मंडल में दो लाख एक हजार एमटी लक्ष्य के मुकाबले केवल 4.64 प्रतिशत ही गेहूं खरीदा जा सका है। गेहूं खरीद बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा की जा रही सारी कवायद फेल नजर आ रही है। 15 जून तक यानि एक माह और गेहूं की खरीद की जानी है लेकिन ऐसा नहीं लग रहा कि लक्ष्य का एक चौथाई भी गेहूं खरीदा जा सकेगा। मंडल में विभिन्न एजेंसियों के 188 क्रय केेंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू है। समर्थन मूल्य 2125 के बराबर और उससे अधिक बाजार भाव होने के कारण शुरू से ही क्रय केंद्रों पर खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पाई। इक्का दुक्का किसान ही गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए खाद्य विभाग ने गेहूं खरीद बंढ़ाने के लिए मोबाइल क्रय केंद्र की शुरूआत किया।इसके अलावा सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके खरीद बढ़ नहीं पा रही। व्यापारी किसानों के घरों से अच्छा पैसा देकर गेहूं उठा ले गए। आजमगढ़ में 71 हजार एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 4.81, मऊ में 35 हजार एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 5.71 और बलिया में 95 हजार एगटी लक्ष्य के सापेक्ष डेढ़ माह मेें महज 4.11 प्रतिशत ही गेहूं खरीदा जा सका है। आगामी 15 जून तक केंद्रो पर गेहूं खरीदा जाना है लेकिन ऐसा नहीं लग रहा कि कोई भी जनपद लक्ष्य का एक चौथाई भी गेहूं खरीद पाएगा। कम गेहूं खरीद होने पर मंडल के 29 क्रय केंद्र प्रभारियों को संभागीय खाद्य नियंत्रक ने नोटिस जारी किया है। जिसमें आजमगढ़ में 10, मऊ में छह व बलिया में 13 क्रय केंद्र प्रभारी शामिल हैं। कम खरीद पर नोटिस जारी कर केंद्रों पर खरीद बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। संभागीय खाद्य नियंत्रकराममूर्ति पांडेय ने बताया कि क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए गांवों में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों के यहां से गेहूं लेकर ट्राली के माध्यम से लाया जा रहा है। पूरा प्रयास है कि अधिक से अधिक किसानों से गेहूं खरीदा जा सके।