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Azamgarh News: 32 दिन में 10 प्रतिशत ही खरीदा जा सका धान

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धान खरीद के 32 दिन बीत जाने के बाद भी खरीद में तेजी नहीं आ सकी है। 32 दिन में जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 10 प्रतिशत ही धान खरीदा जा सका है। यही हाल रहा तो लक्ष्य के सापेक्ष खरीद हो पाना मुश्किल है।
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जिले को इस बार 73 हजार एमटी धान खरीद हो लक्ष्य है। खरीद के लिए विभिन्न एजेंसियों के 75 क्रय केंद्र खोले गए हैं, जहां किसानों से सरकारी दर 2183 प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीदा जा रहा है। जिले में हर बार की तरह इस बार भी खरीद शुरू से ही रफ्तार नहीं पकड़ सकी। खरीद के 32 दिन बीत जाने के बाद भी मात्र 10 प्रतिशत यानि 75 सौ एमटी धान खरीदा गया है। क्रय केंद्रों पर विभाग सभी तैयारी पूरी होने केी बात करता है, लेकिन देखा जाय तो कई केंद्रों पर बोरे के अभाव में खरीद नहीं हो पा रही है। किसानों की ट्राली लदी धान बाहर खड़ी है। यही नहीं मेंहनगर क्षेत्र के क्रय केंद्रों पर 17 प्रतिशत से अधिक धान में नमी होने की बात कहकर किसानों को लौटा दिया जा रहा है। इससे किसान काफी मायूस हैं। इसका फायदा व्यापारी उठा रहे हैं। वह औने पौने दामों पर किसानों के घरों से धान उठा ले रहे हैं।

क्रय केंद्रों के बाहर खड़ी हैं धान लदीं ट्रालियां
अहरौला। क्षेत्र में धान खरीद के लिए पीसीएफ की दो क्रय केंद्र हांसा मतलूबपुर, पारामिश्रौली बनाई गई है। हांसा मतलूबपुर के सचिव अरुण कुमार यादव ने बताया कि एक सप्ताह से बोरा खत्म था, जिसके कारण खरीद नहीं हो पा रही थी। शनिवार शाम को 15 सौ बोरा उपलब्ध हुआ है। सोमवार से खरीद शुरू होगी। उधर खरीदे गए धान की उठान न होने से समस्या हो रही है। अभी तक 25 किसानों से एक हजार कुंतल की खरीद हुई है। वहीं, पारा मिश्रौली के सचिव सुधीर सिंह ने बताया कि लगभग 27 किसानों से 1000 कुंतल की खरीद हुई है। अंदर गोदाम में खरीदा गया धान डंप हैं उठान नहीं हुई है।
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एक माह बाद शुरू हो पाई खरीद
ठेकमा। मार्टीनगंज क्षेत्र के साधन सहकारी समिति निकासीपुर को क्रय केंद्र बनाया गया है। एक माह बाद रविवार को यहां खरीद शुरू हुई। सचिव अशोक कुमार गुप्ता की उपस्थिति में किसान रामसिंह ने कांटे का विधि विधान से पूजन करके अपने 60 क्विंटल धान की बिक्री किया। बीते 12 सालों स यह समिति बंद पड़ी थी। समिति के सरपंच अमित कुमार सिंह के प्रयास से यहां पर खरीद शुरू हुई। क्षेत्र के किसानों को अब अपना धान बेचने के लिए दूर के क्रय केंद्र पर नहीं जाना पड़ेगा। संवाद
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हमारे पास तीन लाख से अधिक बोरे हैं, जहां से बोरे की मांग की जा रही है वहां पर बोरा भेजा जा रहा है। खरीद में भी अब तेजी आई है। 73 हजार एमटी ल्रक्ष्य के सापेक्ष 75 सौ एमटी की खरीद हुई है। - अंशुमाली शंकर, डिप्टी आरएमओ।
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