आजमगढ़। कोरोना संक्रमण से गंभीर हुए मरीजों के लिए ऑक्सीजन की किल्लत दूर करने की कवायद में सरकार जुटी है। इसके तहत राजकीय मेडिकल कालेज में एक प्लांट की स्थापना का कार्य चल रहा है तो वहीं दूसरे प्लांट की अनुमति भी सरकार ने देते हुए बजट जारी कर दिया है। वहीं निर्माणाधीन प्लांट को 15 मई तक हर हाल में शुरू करने का निर्देश जारी हुआ है। ऑक्सीजन की किल्लत के चलते जिले में कोरोना संक्रमितों के इलाज में काफी दिक्कत आ रही है। मौत का ग्राफ भी काफी बढ़ गया है। जिसे देखते हुए शासन ने मेडिकल कालेज परिसर में ही ऑक्सीजन प्लांट लगवाने का निर्देश दिया। परिसर में कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। पहले एक माह का समय कार्यदायी संस्था को दिया गया था लेकिन अब 15 मई तक प्लांट चालू करने का निर्देश कार्यदायी संस्था को दिया गया है। कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता श्याम तिवारी ने बताया कि जल्द से जल्द प्लांट को चालू करने के लिए ढांचे में परिवर्तन किया गया है। नई व्यवस्था में प्लांट के चबूतरे के साथ अस्थाई छत तैयार की जाएगी। फिलहाल इस प्लांट से प्रतिदिन 200 जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर की रिफलिंग की जा सकेगी और शासन स्तर से इसे बढ़ने की अनुमति मिली तो इसकी क्षमता दो से तीन गुनी तक की जा सकती है। प्राचार्य डॉ. आरपी शर्मा ने बताया कि एक ऑक्सीजन प्लांट जहां निर्माणधीन है तो वहीं एक और प्लांट को स्थापित करने की शासन ने अनुमति प्रदान कर दिया है। दूसरे प्लांट के लिए भी 1.12 करोड़ रुपये की धनराशि मिल गई है। दूसरे प्लांट का निर्माण कोयंबटूर के ट्राइडेंट न्यूमेटिक संस्था द्वारा किया जाएगा। इसे भी एक माह में शुरू करने की समय सीमा निर्धारित की गई है।