बलरामपुर। जनपद में आए दिन निजी अस्पतालों में हो रही मौतों पर लगाम लगाने के लिए सीएमओ डा. अशोक कुमार द्वारा पांच टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों को ब्लाॅक का आवंटन किया गया है। जो जांच कर कार्रवाई करते हुए अपनी रिपोर्ट देगी। इसी क्रम में शनिवार को एक टीम द्वारा सरायमीर और रानी की सराय में अस्पताल और पैथोलॉजी सेंटरों की जांच की गई। टीम ने इस दौरान एक अस्पताल और दो पैथोलॉजी सेंटरों को सील किया। जबकि एक अस्पताल को शाम तक सील कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
सरायमीर और रानी की सराय में अवैध अस्पताल, पैथोलॉजी सेंटर और सोनोग्राफी सेंटरों की जांच करने के लिए एसीएमओ डा. केके चौधरी, रानी की सराय के चिकित्सा अधीक्षक डा. मनीष तिवारी संजरपुर बाजार में पहुंचे। इस दौरान उनके द्वारा नोबल हेल्थ केयर सेंटर संजरपुर की जांच की गई। जांच के दौरान डा. बदीउजमा खां सेंटर पर उपस्थित थे। टीम ने जब उनसे चिकित्सा पंजीकरण प्रमाण पत्र मांगा तो उनके द्वारा 27 अगस्त को जारी एक नोटिस दिखाया गया। जांच के दौरान अपने संस्थान का कोई भी पंजीकरण प्रमाण पत्र ही दिखाया गया। जिससे अस्पताल को सील कर दिया गया।
इसके बाद टीम नवीन पैथालॉजी पहुंची। जहां ओम प्रकाश पाल द्वारा जांच की जा रही थी। उनसे पैथालॉजी का पंजीकरण प्रमाण पत्र मांगा गया। उनके द्वारा कोई भी पंजीकरण प्रमाण पत्र नहीं दिखाया गया। टीम ने उसे भी सील कर दिया। इसके बाद टीम अजीम पैथालॉजी की जांच करने पहुंची। जहां संचालक मिर्जा आसिफ उपस्थित थे, उनसे पैथालॉजी का पंजीकरण प्रमाण पत्र मांगा गया लेकिन उनके द्वारा कोई भी पंजीकरण प्रमाण पत्र नहीं दिखाया गया। टीम ने उसे भी सील कर दिया। इसके बाद टीम नवजीवन ज्योति हास्पिटल, सोनवर्षा मोड़ रानी की सराय जांच के लिए पहुंची। निरीक्षण के दौरान 02 प्रसव के मरीज मिले। संचालिका पुष्पा सिंह अनुपस्थित थीं। जिस पर एसीएमओ ने डा. मनीष तिवारी प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि शाम पांच बजे तक सील की कार्यवाही कर सूचना दें।