सिधारी स्थित श्री गौरी शंकर मंदिर में चल रहे शिव महापुराण कथा का बुधवार को हवन पूजन के साथ समापन हुआ। बद्रीनाथ धाम से पधारे कथावाचक ने शिव महापुराण कथा की महत्ता बताई। हर-हर महादेव के जयकारों से कथास्थल गूंजता रहा। उधर, शाम को आयोजित भंडारे में हजारों लोेगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
कथा का रसपान कराते हुए बद्रीनाथ धाम से आए कथावाचक अजय भारद्वाज पेनोली ने शिव महिमा का वर्णन किया। कहा कि शिव महापुराण की कथा मानव जाति को सुख समृद्धि का आनंद देने वाली है। भगवान शिव कल्याण और सुख के मूल स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि महापुराण सुनने मात्र से ही वंश में वृद्धि होती है। महापुराण कल्प वृक्ष के समान है, जो इसे जिस कामना के साथ सुनता, वह कामना पूरी होती है। शिव जब अपने भक्तों पर प्रसन्न होते हैं तो वह उसे सब कुछ प्रदान कर देते हैं। उन्हें प्रसन्न करने के लिए किसी बड़े प्रयास की जरूरत नहीं है। वह तो केवल सच्ची श्रद्धा और भक्ति के अधीन है।
इस दौरान लगे हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। हवन पूजन के साथ कथा के विश्राम के बाद दोपहर बाद भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारा देर शाम तक चलता रहा। इस अवसर पर कुसुम लता सिंह, अविनाश सिंह, प्रकृति, पन्नू, रोबिन, विश्वजीत, अमरजीत नायक, नीतू, राजू आदि उपस्थित रहे।