अजमतगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत देवापार में विकास कार्यों की जांच करने पहुंचे अधिकारी, साथ में मौ
सगड़ी। उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर शनिवार को विकास खंड अजमतगढ़ की ग्राम पंचायत देवापार में विकास कार्यों की जांच कराई गई। हालांकि जांच के दौरान नामित समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी और अधिशासी अभियंता श्रम विभाग मौके पर उपस्थित नहीं रहे, जिससे शिकायतकर्ता ने नाराजगी जताई। ग्रामसभा निवासी शिकायतकर्ता दुर्गा प्रसाद ने ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए 44 बिंदुओं पर शिकायत दर्ज कराई थी। इससे पहले 16 मई 2025 को भी इन कार्यों की जांच कराई गई थी, लेकिन शिकायतकर्ता उस जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं थे। इसके बाद उन्होंने मामले को उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने वाद का निस्तारण करते हुए सभी बिंदुओं की दोबारा जांच कर मामले को समाप्त करने के निर्देश दिए थे। न्यायालय के निर्देश पर डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी और उत्तर प्रदेश निर्माण एवं श्रम विभाग के अधिशासी अभियंता को जांच के लिए नामित किया था। शनिवार को समाज कल्याण विभाग के बाबू चंद्रजीत मौर्य और पीडब्ल्यूडी विभाग के अवर अभियंता संदीप कुमार गांव पहुंचे और जांच शुरू की। टीम ने सभी 44 बिंदुओं की क्रमवार जांच की। जांच की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। इस दौरान शिकायतकर्ता और प्रधान पक्ष के लोगों के बीच कई बार तीखी बहस भी हुई, जिसे ग्रामीणों के हस्तक्षेप से शांत कराया गया। शिकायतकर्ता दुर्गा प्रसाद ने जांच के दौरान नामित अधिकारियों की अनुपस्थिति पर असंतोष जताते हुए कहा कि वह इस जांच से संतुष्ट नहीं हैं। वहीं समाज कल्याण विभाग के बाबू चंद्रजीत मौर्य और अवर अभियंता संदीप कुमार ने बताया कि वे इस मामले में अधिकृत रूप से कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं। 44 बिंदुओं की शिकायत की जांच कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जिलाधिकारी को भेजा जाएगा। इस दौरान प्रधान संजय राम, शिकायतकर्ता दुर्गा प्रसाद, संगत कुमार, ग्राम सचिव जितेंद्र कनौजिया आदि रहे।