आयुष्मान भारत से जल्द ही और पात्र परिवार जोड़े जाएंगे। इसके लिए वर्तमान सूची में शामिल उन लोगाें को चिह्नित किया जा रहा है, जिन्हेंने अब तक इस योजना का लाभ नहीं लिया है अथवा अपात्र होने के बाद भी उनका नाम किन्हीं कारणों से शामिल है। जिले में 259299 परिवार आयुष्मान योजना में शामिल है। जिसमें 5 लाख 79 हजार 499 का गोल्डेन कार्ड भी बन चुका है। वहीं 35963 लोगों ने इस योजना के तहत अपना इलाज भी कराया है। आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आमजन को सालाना पांच लाख तक के नि:शुल्क इलाज की सुविधा देने के लिए किया था। इस योजना के तहत पात्रता सूची में कुल 259299 परिवार शामिल है। जहां तक गोल्डेन कार्ड की बात है तो फिलहाल मात्र पांच लाख 79 हजार 499 लोगों का ही यह कार्ड बना है, जबकि लक्ष्य 10 लाख 37 हजार 623 लोगों का गोल्डेन कार्ड बनाने का है। अभी भी बहुत से परिवार इस योजना के तहत गोल्डेन कार्ड बनवा कर लाभ नहीं ले रहे है। इसमें ऐसे भी लोग शामिल है, जो पात्र नहीं होने के बाद भी किन्हीं कारणों से इस योजना में शामिल कर लिए गए है। तो वहीं बहुत से ऐसे भी है जो अब तक इस योजना का एक भी बार लाभ नहीं लिए है। ऐसे लोगों को पात्रता सूची से बाहर करने की तैयारी में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय है। इन लोगों के स्थान पर नए लोगों के नाम पात्रता सूची में शामिल किए जाएंगे। जिसके लिए जिले स्तर पर भी पात्रता सूची की समीक्षा की जा रही है। आयुष्मान भारत योजना के जिला प्रभारी अजय सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत पात्रता सूची में शामिल कोई भी परिवार साल भर में पांच लाख तक का मुफ्त इलाज करा सकता है। जिले में इसके लिए 25 सरकारी तो 24 प्राइवेट अस्पताल इस योजना से जुड़े हुए है। उन्होंने बताया कि अब तक 35963 लोगों ने इस योजना के तहत विभिन्न अस्पतालों पर अपना इलाज कराया है। जिसमें 30591 लोगों के इलाज में हुए खर्च के मद में 20 करोड़ 78 लाख दो हजार 723 रुपये के क्लेम का भुगतान भी संबंधित अस्पतालों को किया जा चुका है। लगभग 15 करोड़ के क्लेम का भुगतान होना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि कुल 1450 तरह की बीमारियों का इलाज इस योजना के तहत पात्र गोल्डेन कार्ड धारक चिन्हित अस्पतालों पर करा सकता है।