चार दिनों पूर्व जहानागंज के कोल्हूखोर पुलिया के पास भारी मात्रा में सरकारी व प्राइवेट दवाएं फेंकी मिली थी तो वहीं रविवार की सुबह शहर में बड़ा गणेश मंदिर के सामने बंधा किनारे काफी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाएं फेकी हुई मिली। कोल्हूखोर में बाद शहर में दवाएं फेकी मिलने से स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई है।
कोल्हूखोर पुलिया के पास बृहस्पतिवार को भारी मात्रा में सरकारी दवाएं जिसमें आयरन की गोली व अलबेंडाजोल के अलावा काफी मात्रा में प्राइवेट दवाएं भी मिली थी। सरकारी दवाएं तो अभी एक्सपायर भी नहीं हुई थी। वहीं अन्य दवाओं में ज्यादातर एक्सपायर्ड थी। इस मामले की जांच अभी शुरू ही नहीं हो सकी है तो वहीं रविवार की सुबह शहर में बड़ा गणेश मंदिर के सामने स्थित बंधा के किनारे भारी मात्रा में प्राइवेट कंपनियों की अंग्रेजी दवाएं फेकी मिली। सभी दवाएं एक्सपायर्ड थी। जिसे नियमानुसार निस्तारित कराया जाना चाहिए था लेकिन आबादी के बीच बंधा किनारे दवाएं फेकी हुई थी। अमर उजाला की नजर इन दवाएं के खेप पर पड़ी तो सूचना स्वास्थ्य विभाग के मुखिया डॉ. आईएन तिवारी को दी गई। शहर में दवा मिलने की सूचना पर सीएमओ मयदल बल मौके पर पहुंच गए और दवाओं की जांच करने के बाद कहा कि सभी दवाएं एक्सपायर्ड है और कई नामी-गिरामी कंपनियों की दवाएं है। जो दवाएं फेकी हुई है, उनकी कीमत कई लाख रुपये होंगी।
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ये प्रमुख दवाएं व इंजेक्शन है शामिल
आजमगढ़। बड़ा गणेश मंदिर के सामने बंधा किनारे फेकी मिली दवाओं में डोमिन इंजेक्शन, लाक्स हैवी 5 इंजेक्शन, कोपीराजिन-750, बोनराइड, एसिकॉन-20, ब्रिदइन, टेट्रालैब-250, जिंकोसेट, लुपीविटाल ए वन-जेड, एस कुईनाल आदि शामिल है। ये तो कुछ उन दवाओं के नाम है जो मौके पर फेकी मिली है। इनके अलावा भी और भी बहुत सारी दवाएं शामिल है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि मौके पर भारी मात्रा में एक्सपायर्ड कंडोम भी फेंके हुए है।
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हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला, ड्रग इंस्पेक्टर से करें बात: सीएमओ
आजमगढ़। शहर में दवा फेके जाने के बाबत सीएमओ डॉ. आई एन तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सभी दवाएं प्राइवेट कंपनियों की है। हमारी दवा होती तो हम जांच कराते और कार्रवाई भी करते। अब प्राइवेट कंपनियों की दवाएं फेकी मिली है तो इस मामले में हम कुछ नहीं कर सकते। यह हमारे अधिकार क्षेत्र के बाहर की बात है। इसके बारे में ड्रग इंस्पेक्टर से बात करें। हां यह जरूरी है कि दवा जिस तरह से निस्तारित की गई है वह गलत है। ऐसा नहीं होना चाहिए।
कोल्हूखोर प्रकरण की नहीं शुरू हो सकी जांच
आजमगढ़। वहीं जहानागंज के कोल्हूखोर पुलिया के पास फेके मिले सरकारी दवाओं के मामले की भी अभी जांच शुरू नहीं हो सकी गई। सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. संजय के नेतृत्व में जांच टीम जरूर बना दिया है लेकिन इस टीम के एक सदस्य अभी कहीं ट्रेनिंग पर गए हुए। इस बाबत डॉ. संजय से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि खंड शिक्षाधिकारी व सीडीपीओ को सीएचसी प्रभारी ने पत्र लिख कर दी गई दवाओं के बाबत पूरी रिपोर्ट तलब किया है। एक-दो दिन में टीम मौके पर पहुंच कर जांच की कवायद करेगी।
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आबादी के बीच एक्सपायरी दवाओं का निस्तारण किया जाना गलत है। उसे जल्द से जल्द मौके से हटवाने के साथ ही एनजीटी के दिशा निर्देशों के अनुरूप निस्तारित कराया जाएगा। इसके साथ ही नियम विरुद्ध भारी मात्रा में दवा फेकने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। - अनिल कुमार मिश्रा, एडीएम प्रशासन/प्रशासक-नगर पालिका परिषद आजमगढ़।