अहरौला में कई दिनों तक दहशत का पर्याय बना तेंदुआ अब तहरबपुर के नैपुरा गांव के पास देखा गया। इस बार भी वह पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के जलनिकासी पाइप में छुप कर बैठा हुआ है। यूपीडा की पेट्रोलिंग टीम ने उसे सबसे पहले देखा और फोटो भी खींच लिया। इसके बाद तो क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पर वन विभाग की टीम के साथ ही पुलिस व प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया है। धरपकड़ की कवायद जोरशोर से चल रही है। ट्रैकुलाइजर टीम भी गोरखपुर से बुलाई गई है।
जिले में लगभग एक पखवारे से तेंदुए के मौजूदगी की बात सामने आ रही है। सबसे पहले अहरौला क्षेत्र में लोगों ने तेंदुआ देखा। लोगों के जुटने और वन विभाग की टीम के पहुंचने पर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के जलनिकासी पाइप में छुप गया। वन विभाग की टीम दोनों मुहानों पर जाल पकड़ने के लिए लगाई थी, जिसे रात में काटकर वह भाग गया। सुबह वन विभाग के जिम्मेदारों ने तेंदुआ के होने से ही इंकार कर दिया। दो तीन दिन बाद ग्रामीणों ने तेंदुओं को एक पेड़ पर देखा। इसके बाद भी वन विभाग जिले में तेंदुओं की मौजूदगी से इंकार करता था। रविवार की सुबह यूपीडा की पेट्रोलिंग टीम ने तहबरपुर के नैपुरा गांव के पास तेंदुए को देखा। उसकी फोटो भी टीम के सदस्य जितेंद्र यादव ने खींच लिया। इसके बाद से तो पूरे क्षेत्र में दहशत व्याप्त हो गया। यूपीडा पेट्रोलिंग टीम की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके साथ ही पुलिस व प्रशासनिक अमला भी पहुंच गया है। जलनिकासी पाइप के एक मुहाने को पाइप व मिट्टी आदि डाल कर पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। दूसरे मुहाने पर लोहे का पिजड़ा व जाल आदि लगाया गया है। हजारों की संख्या में लोग मौके पर जुटे है। वहीं एक एंबुलेंस, कई यूपी 112 गाड़िया व तीन थानों की फोर्स भी मौजूद है।