आजमगढ़। मौसम की सटीक भविष्यवाणी के लिए जिले में डॉप्लर वेदर रडार की स्थापना की जाएगी। इसके लिए आजमगढ़ सहित चार जनपदों के लिए कुल 26.12 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। इसमें जिले को 6.53 करोड़ रुपये मिलेंगे।
प्रदेश के मौसम संबंधी पूर्वानुमान के लिए मौसम केंद्र लखनऊ में एस-बैंड आधारित डॉप्लर रडार है। पश्चिमी भाग का पूर्वानुमान दिल्ली के और पूर्वी हिस्से का पटना (बिहार) में स्थित डॉप्लर रडार से लगाया जाता है। प्रदेश में कुछ चुनिंदा स्थानों पर वर्षा मापी यंत्र व ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन हैं। वर्तमान में वज्रपात की चेतावनी जिला स्तर पर ही मिल पा रही है, जबकि पूर्वानुमान अधिकतम दो-तीन किमी दायरे में समय से मिल जाना चाहिए। लेकिन प्रदेश के किनारे के हिस्से रडार के अंतिम परिधि छाया क्षेत्र श्रेणी में हैं। जिसके कारण यहां का पूर्वानुमान लगाना कठिन हो जाता है। जिसे देखते हुए प्रदेश के पांच जनपदों में डॉप्लर वेदर रडार लगाने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के तहत चार जनपदों अलीगढ़, झांसी और लखनऊ के लिए शासन की ओर से 26.12 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। जिसमें से 6.53 करोड़ की धनाशि से आजमगढ़ के मंदुरी में इसकी स्थापना की जाएगी। मंदुरी में पहले से ही प्रशासन द्वारा जमीन की तलाश पूरी कर ली गई थी। धन मिलने के बाद अब इसके निर्माण की कवायद शुरू की जाएगी।
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हर 10-15 मिनट के अंतर पर पता चल सकेगी स्थिति
आजमगढ़। ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन की स्थापना के बाद तापमान, आर्द्रता, हवा के प्रवाह, दबाव, दिशा, गति व वर्षा आदि के बारे में जानकारी हो सकेगी। मैनुअल व्यवस्था में तीन-तीन घंटे पर ये सूचनाएं जुटाई जाती हैं। इससे हर 10-15 मिनट के अंतर पर स्थिति पता कर सकेंगे। इसके साथ ही ब्लाकों में स्थापित एआरजी वर्षा की स्थिति, तापमान व आर्द्रता उपलब्ध कराएगा।
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जनपद में डॉप्लर वेदर स्टेशन की स्थापना के लिए धन जारी कर दिया गया है। हमारे द्वारा पहले से ही मंदुरी में इसके लिए जमीन तलाश कर ली गई है। जल्द ही स्टेशन की स्थापना का कार्य शुरू कराया जाएगा।
आजाद भगत सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व।