आजमगढ़। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एंबुलेंस के पंजीकरण का मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने एंबुलेंस पंजीकरण की व्यवस्था में ही बदलाव कर दिया है। अब एंबुलेंस का पंजीकरण सिर्फ डॉक्टर, अस्पताल व सामाजिक संस्था के नाम पर ही हो सकेगा। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट के बिना पंजीकरण नहीं हो पाएगा। एआरटीओ प्रशासन सतेंद्र कुमार यादव ने बताया कि जिले में 150 के करीब एंबुलेंस पंजीकृत हैं। पुराने पंजीकरणों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। मगर, अब नए पंजीकरण सिर्फ डॉक्टर, अस्पताल या किसी संस्था के नाम पर होंगे। हालांकि यह आदेश पहले से ही था लेकिन इसमे कमेटी बनाने की प्रक्रिया को शामिल कर दिया गया है। कमेटी में एआरटीओ प्रशासन को अध्यक्ष व सीएमओ और परिवहन विभाग के संभागीय निरीक्षक को बतौर सचिव रखा जाएगा। एंबुलेंस कई प्रकार के करों से मुक्त रहती हैं। जिले में इसके लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। एंबुलेंस खरीद के बाद सबसे पहले क्रेता को सीएमओ उसके बाद आरआई और अंत में एआरटीओ प्रशासन की रिपोर्ट लगवानी होगी। इन तीनों की संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर ही पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होगी।