गायत्री शक्तिपीठ कोल पांडेय परिसर में बृहस्पतिवार को भूमिजा योग एवं गर्भ संस्कार केंद्र का शुभारंभ हुआ। योग केंद्र की संचालिका डॉ वंदना ने कहा कि इस योग केंद्र में माता के गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास ठीक ढंग से हो सके और माता को भी कोई परेशानी ना होने पाए इसके लिए विशेष योग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। डॉ वंदना नॉर्मल डिलीवरी में योग की भूमिका विषय में पीएचडी हैं। उन्होंने कहा कि आजकल प्राय: बच्चों की डिलीवरी ऑपरेशन के माध्यम से ही कराई जा रही है जबकि नॉर्मल डिलीवरी से जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित रहते हैं क्योंकि उचित जानकारी के अभाव में महिलाएं अपने खानपान और अव्यवस्थित जीवन शैली के कारण गर्भ में पल रहे शिशु के लिए परेशानी खड़ी कर देती हैं। उन्हें तरह-तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। जिससे प्रसव के समय असहनीय पीड़ा आदि के कारण ऑपरेशन का सहारा लेना पड़ता है। जबकि योग के माध्यम से व्यवस्थित दिनचर्या का पालन करने पर नॉर्मल डिलीवरी कराई जा सकती है। इस योग सेंटर में गर्भस्थ माताओं को योग व्यायाम कराया जाएगा जिससे गर्भ में पल रहे शिशु को कोई परेशानी ना होने पाए और वह पूर्ण रूप से स्वस्थ रहकर सामान्य प्रसव के माध्यम से दुनिया देख सके। इस मौके पर सीएमएस डा. अमिता अग्रवाल, राष्ट्र सेविका समिति की प्रांत कार्यवाहिका प्रतिष्ठा, डा. पूनम तिवारी आदि उपस्थित थे।