कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी लखनऊ की ओर से संचालित मेन स्ट्रीमिंग कार्यक्रम के तहत एचआईवी पर जनपद और ब्लाक स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें सीडीओ ने कहा कि समाज में एड्स से जुड़े भेदभाव को खत्म करने की जरूरत है।
कहा कि कार्यशाला का मकसद एचआईवी एड्स विषयक समुचित जानकारी जन-जन तक पहुंचाने तथा जनपद स्तर पर विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर एचआईवी मुक्त उप्र बनाने के साथ ही एचआईवी संक्रमितों के प्रति सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देना है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आईएन तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गनाइजेशन की ओर से संचालित राष्ट्रीय प्रोग्राम है। कार्यक्रम के अनुसार 2030 तक एचआईवी का उन्मूलन किया जाना है, उप्र के 25 उच्च एचआईवी जोखिम जनपदाें में आजमगढ़ भी शामिल है। इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ सुरेंद्र सिंह, एसआईसी जिला अस्पताल आजमगढ़, सीएमएस जिला महिला अस्पताल, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीकांत दर्वे, सीडीपीओ, रेड क्रास सोसायटी के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।