सरकार अमृत सरोवर योजना में पोखरी खोदवा रही है तो वहीं नगर पालिका प्रशासन उसे कूड़े से पटवा रहा है। सोमवार को ऐसा ही कुछ नजारा उस समय देखने को मिल गया जब बड़ा गणेश मंदिर के सामने बंधा किनारे फेंके कूड़े को नपा कर्मी उठाने के बजाए जेसीबी से पोखरी में डाल रहे थे।
भूगर्भ जलस्तर को रिचार्ज करने के लिए सरकार शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक अमृत सरोवर योजना के तहत पोखरियां खोदवा कर पानी संचय को बढ़ावा दे रही है। वहीं नगर पालिका परिषद खुद ही शहर की पोखरियों को पाटने की कवायद में जुटी है। इनके पट जाने से शहर में बरसात के दिनों में जल जमाव होगा, क्योकि शहर से निकलने वाला गंदा पानी इन्हीं पोखरियों में जाता है। ऐसी ही एक बड़ी पोखरी मातबरगंज वार्ड में बड़ा गणेश मंदिर के सामने है। इसमें शहर के लगभग आधे हिस्से का पानी नाले-नालियों के माध्यम से आता है और एक नाले के जरिये कोलघाट होते हुए बवाली मोड़ के पास तमसा में चला जाता है।
वैसे ही इस पोखरी पर कब्जा होने से यह सिमट कर छोटी हो गई है।जो बची है उसे नपा के कर्मचारी कूड़ा पाट कर खत्म करने पर अमादा हैं। वह जेसीबी से पोखरी में कूड़े कचरे को ढकेल कर उसे पाट रहे हैं।
कुछ दिन पूर्व भारी मात्रा में फेंकी मिली थी दवा
आजमगढ़। जिस स्थान पर फेंके कूड़े को नपा की जेसीबी ने पोखरी में ढकेल दिया, वहीं कुछ माह पूर्व भारी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाएं व अन्य प्रकार के मेडिकल वेस्ट फेंके हुए थे। जिसे नपा के कर्मचारियों ने ऐसे ही पोखरी में ढकेल कर निस्तारित किया होगा। यह अलग बात है कि उस समय दवाओं को गड्ढा कर दफन करने की बात सफाई निरीक्षक द्वारा बतायी गई थी।
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10 मीटर तक कूड़े से पटी है पोखरी
आजमगढ़। बड़ा गणेश मंदिर के सामने बना बंधा से सट कर ही मातबरगंज की पोखरी थी लेकिन वर्तमान में पोखरी बंधा से लगभग 10 से 12 मीटर दूर सिकुड़ कर पहुंच गई है। इसके पीछे कारण यही है कि पोखरी के 10 से 12 मीटर हिस्से को कूड़ा से पाट दिया गया है। इतना ही नहीं अक्सर ही इस कूड़े के ढेर में आग भी लगी रहती है, जिससे उठने वाले जहरीले धुएं के चलते आसपास का वातावरण प्रदूषित होता है।
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नपा के कर्मचारी पोखरी क्यो पाटेंगे। हमारी जिम्मेदारी कूड़े का उठान करा कर डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचवाना है, न कि पोखरी में कूड़ा गिराना है। यदि नपा का कोई कर्मचारी ऐसा कर रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोई वीडियो अथवा फोटो हो तो उपलब्ध कराएंं ताकि संबंधित पर कार्रवाई की जा सके। -मनोज कुमार, ईओ नगर पालिका परिषद, आजमगढ़।