आजमगढ़। बरसात के मौसम में अक्सर जर्जर भवनों के गिरने से हादसे की सूचना मिलती है। नगर क्षेत्र में भी सड़कों के किनारे ऐसे बहुत से बहुमंजिला भवन खड़े हैं। जो बरसात के मौसम में कभी हादसे का सबब बन सकते हैं। वहीं नगर पालिका अब तक इन भवनों का चिह्नित नहीं करा सका है। वहीं नपा के ईओ को इसके बारे में जानकारी ही नहीं। शासन की ओर से कई बार जर्जर भवनों को ढहाने का निर्देश दिया गया है इसके बाद भी अब तक नगर पालिका के पास जर्जर भवनों की सूची तक नहीं उपलब्ध है। नगर क्षेत्र के कई ऐसे इलाके हैं जहां जर्जर भवन मुंह बाए हादसे को दावत दे रहे हैं। पुरानी कोतवाली, दलालघाट मोड़, आसिफगंज व मुख्य चौक, पुरानी सब्जी मंडी चौक आदि के पास जर्जर भवन हैं। आए दिन उक्त जर्जर भवनों से मलबा टूटकर गिरता रहता है। यहां लोगों को बारिश के दिनों में हादसा होने का डर बना रहता है। पुरानी जेल के जर्जर भवनों को भी ढहाया नहीं गया है। जेल की जर्जर दीवालों से सटाकर लोगों ने अपनी दुकानें सजाकर रखी हैं। वहीं अभी तक नगर पालिका मौन साधे तमाशा देख रही है। जबकि 20 जून के बाद कभी भी जिले में मानसून दस्तक दे सकता है।