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बरसात को लेकर मुस्लिमों ने अदा की विशेष नमाज

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आजमगढ़। एक पखवारे से जिले में बादलों की लुकाछिपी का खेल तो चल रहा है लेकिन बरसात नहीं हो रही है। जिसके चलते फसले सुखने लगी है तो वहीं धान की रोपाई अब तक नहीं हो सकी है। बरसात को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शनिवार की सुबह बिलरियागंज कस्बा स्थित जामेअतुल फलाह में विशेष नमाज अदा किया। इस दौरान गुनाहों से माफी मांगने के साथ ही जल्द बरसात होने की दुआ भी मांगी गई। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बरसात हो रही है। लोग बरसात से बेहाल हो चुके है तो वहीं अपने जिले में आसमान से आग बरस रही है। मानसूनी बरसात का नजारा अब तक जिले में नहीं देखने को मिला है। जिसका परिणाम है कि जल संकट नजर आने लगा है। फसलों के सूखने का खतरा मंडराने लगा है तो वहीं बरसात न होने से अब तक धान की रोपाई भी नहीं हो सकी है। जिन लोगों ने ट्यूबवेल आदि से धान की रोपाई किसी तरह कर दिया है तो उनकी फसल अब सूखने के कगार पर पहुंच गई है। जिसे लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शनिवार की सुबह बिलरियागंज कस्बा के जामेअतुल फलाह में विशेष नमाज पढ़ी। इस दौरान अल्लाह ताला से गुनाहों की माफी मांगने के साथ ही जल्द बरसात की दुआ मांगी गई। इस दौरान जामेअतुल फलाह के डायरेक्टर मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि जब धरनी पर पाप बढ़ जाता है तो अल्लाह की तरफ से आजाब आता है। जिसके तहत बरसात रोक दी जाती है। मानवता समाप्त होने लगी है और मानव त्राहि-त्राहि करने लगते है। वर्तमान में बरसात नहीं हो रही है, जिसके चलते त्राहि-त्राहि मची है। रात हो या दिन लोग गर्मी से परेशान है और पूरा जिला सूखे की चपेट में आता जा रहा है। जिसके चलते पशुओ के लिए हरा चारा भी नहीं मिल रहा है। बरसात के लिए ही विशेष नमाज के माध्यम से अल्लाह ताला से गुनाहों की मांफी मांगते हुए बरसात के लिए दुआ मांगी गई।
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