आजमगढ़। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक शुक्रवार को डीएम की अनुपस्थिति के कारण निरस्त होने पर सांसद धर्मेंद्र यादव ने नाराजगी जताई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था, जनप्रतिनिधियों के सम्मान और जनहित के मुद्दों की अनदेखी करार दिया। बैठक निरस्त होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उनका आरोप है कि पिछले साल आयोजित दिशा समिति की बैठक में भी डीएम अनुपस्थित रहे थे। लगातार दूसरी बार ऐसा होना प्रशासन की कार्यशैली और उसकी मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि दिशा समिति की बैठक एक महत्वपूर्ण वैधानिक मंच है, जहां सांसद की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के विकास कार्यों की समीक्षा की जाती है। जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण मंच से जिलाधिकारी का अनुपस्थित रहना जनहित के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। सांसद ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार को खुश करने और राजनीतिक दबाव में कार्य करने की प्रवृत्ति के कारण विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही है।